योगी सरकार का बड़ा फैसला! स्मार्ट प्रीपेड मीटर में अब नहीं कटेगी बिजली, 15 दिन का मिलेगा ग्रेस पीरियड

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नियम बदल दिए हैं. अब रिचार्ज खत्म होने पर भी 15 दिन तक बिजली नहीं कटेगी. योगी सरकार के इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) ने इस हाइब्रिड मॉडल को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है.

बिजली बिल Image Credit: @Money9live

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए ‘स्मार्ट प्रीपेड मीटर’ के नियमों में बदलाव कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख और जनता की सहूलियत को प्राथमिकता देने के निर्देश के बाद, अब राज्य में प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बिजली कटने का डर नहीं सताएगा. सरकार ने आदेश दिया है कि प्रीपेड मीटर अब पूरी तरह पोस्टपेड मीटर की तर्ज पर काम करेंगे, जिससे रिचार्ज खत्म होने के बावजूद उपभोक्ताओं को 15 दिनों का अतिरिक्त समय (ग्रेस पीरियड) मिलेगा.

अब तक क्या था नियम?

अब तक की व्यवस्था के अनुसार, प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बैलेंस शून्य होते ही बिजली की आपूर्ति खुद-ब-खुद कट जाती थी. इससे उपभोक्ताओं को काफी कठिनाई होती थी, खासकर तब जब सर्वर डाउन हो या रात के समय बैलेंस खत्म हो जाए. मुख्यमंत्री ने इस समस्या का संज्ञान लेते हुए विभाग को सख्त निर्देश दिए कि तकनीक का इस्तेमाल जनता की सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि उनकी परेशानी का कारण बनने के लिए.

नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु:

  • 15 दिनों का ग्रेस पीरियड: यदि आपके मीटर का रिचार्ज खत्म हो जाता है, तो बिजली नहीं कटेगी. उपभोक्ता को भुगतान करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा.
  • हाइब्रिड मोड पर काम: प्रीपेड मीटरों को इस तरह से कॉन्फिगर किया जाएगा कि वे पोस्टपेड की तरह व्यवहार करें. 15 दिन की अवधि के दौरान इस्तेमाल की गई बिजली का बिल आपके अगले रिचार्ज में समायोजित (Adjust) कर दिया जाएगा.
  • डिस्कनेक्शन पर रोक: किसी भी हाल में रिचार्ज खत्म होते ही तुरंत कनेक्शन नहीं काटा जाएगा. यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि त्योहारों, छुट्टियों या रात के समय घरों में अंधेरा न हो.

क्यों लिया गया यह फैसला?

उत्तर प्रदेश सरकार के पास लगातार यह शिकायतें पहुंच रही थीं कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामियों और सर्वर की धीमी गति के कारण उपभोक्ताओं को समय पर रिचार्ज करने में दिक्कत आती है. कई बार पैसे कट जाने के बाद भी मीटर अपडेट नहीं होते थे और बिजली कट जाती थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ‘उपभोक्ता देवो भव:’ की नीति का पालन हो और बिजली विभाग अपनी कार्यप्रणाली को मानवीय बनाए.

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इस फैसले से उत्तर प्रदेश के लाखों शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है. अब डिजिटल इंडिया की राह में स्मार्ट मीटर बोझ नहीं बल्कि सुविधा बनेंगे. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) ने इस हाइब्रिड मॉडल को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी.