टेस्ला की रफ्तार पर ब्रेक, मस्क को लगा झटका, आधी रह गई बिक्री
एलन मस्क की कंपनी टेस्ला के कारों की बिक्री धड़ाम हो गई है, जिससे उन्हें तगड़ा झटका लगा है. यूरोपियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACEA) के मुताबिक टेस्ला की बिक्री यूरोप में कम हुई है, तो क्या है बिक्री घटने की वजह और कैसे मस्क की बढ़ी चिंता, जानिए पूरी डिटेल.
Tesla car sales fell: एलन मस्क की कंपनी टेस्ला जहां भारत में अपने पैर पसारने की तैयारी में है, वहीं उसे यूरोप में तगड़ा झटका लगा है. दरअसल इस इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी की कार बिक्री अप्रैल में आधी रह गई है. यूरोपियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACEA) के 27 मई को जारी आंकड़ों के अनुसार टेस्ला की बिक्री 32 यूरोपीय देशों में 49 फीसदी गिरकर 7,261 वाहनों पर आ गई, जो पिछले साल अप्रैल में 14,228 थी. यूरोप में टेस्ला की बिक्री घटने मस्क की चिंता बढ़ गई है.
बिक्री में गिरावट की वजह
जानकारों के मुताबिक टेस्ला की बिक्री घटने की वजह एलन मस्क के विवादास्पद राजनीतिक विचारों के खिलाफ विरोध और बॉयकॉट हो सकता है. मस्क के दक्षिणपंथी रुख ने यूरोप में कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचाया है. इसके अलावा पुराने मॉडल्स और चीन की कंपनियों जैसे SAIC से बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भी टेस्ला को झटका दिया है. SAIC जो MG इलेक्ट्रिक कारों का मालिक है, ये अपनी सस्ती कारों के लिए जाना जाता है. इसने अप्रैल में 54 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है.
मस्क पर कैसे बढ़ा दबाव?
इस साल के पहले चार महीनों में टेस्ला की यूरोपीय बिक्री 39 फीसदी गिरकर 61,320 वाहनों पर आ गई, जबकि पूरे यूरोपीय ऑटो बाजार में कोई खास बदलाव नहीं हुआ. कंपनी को अपने बेस्टसेलिंग मॉडल Y को अपग्रेड करने के लिए फैक्ट्रियों को कई हफ्तों तक बंद करना पड़ा, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई. पहले क्वार्टर में टेस्ला की वैश्विक बिक्री 13 प्रतिशत घटी, जिसका दबाव मस्क पर बढ़ रहा है.
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यूरोप में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार
ACEA की रिपोर्ट के मुताबिक स्कोडा की नई एलरोक ने अप्रैल में इलेक्ट्रिक कार बिक्री में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि टेस्ला की मॉडल Y, जो पहले नंबर एक थी ये खिसककर नौवें स्थान पर पहुंच गई है, वहीं वॉक्सवैगन ग्रुप यूरोप में शीर्ष ब्रांड बना हुआ है, जिसकी बिक्री में 2.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. कुल मिलाकर, इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 26.4 प्रतिशत बढ़ी, जिसका बाजार में हिस्सा 15.3 प्रतिशत रहा. ACEA की निदेशक सिग्रिड डी व्रीस के मुताबिक बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन सरकारों को खरीद, प्रोत्साहन, रीचार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजली की कीमतों जैसे जरूरी कदम पर ध्यान देना होगा, जिससे बिक्री में तेजी आ सके.
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