Budget 2026: टैक्स राहत से लेकर नौकरी तक की उम्मीद, मिडिल क्लास को क्या मिलेगा, ये हैं बड़े संकेत
बजट 2026 से मिडिल क्लास को टैक्स राहत और रोजगार के मोर्चे पर उम्मीदें हैं. सरकार का फोकस खपत बढ़ाने और महंगाई को काबू में रखने पर रह सकता है. इनकम टैक्स स्लैब में सुधार और स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का 88 आम बजट पेश करेंगी. बजट 2026 को लेकर मिडिल क्लास की उम्मीदें इस बार ज्यादा हैं. वैश्विक आर्थिक सुस्ती और घरेलू मांग में नरमी के बीच सरकार पर राहत देने का दबाव है. जानकार मानते हैं कि टैक्स राहत और रोजगार सृजन बजट की प्राथमिकता हो सकती है. साथ ही सरकार को फिस्कल घाटे पर भी कंट्रोल रखना होगा. ऐसे में सवाल है कि क्या यह बजट मिडिल क्लास के लिए राहत भरा साबित होगा.
टैक्स राहत की उम्मीद
बजट 2026 में इनकम टैक्स को लेकर मिडिल क्लास को राहत मिल सकती है. पिछले बजट में नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स राहत दी गई थी. अब उम्मीद है कि टैक्स फ्री इनकम लिमिट को और बढ़ाया जा सकता है. सैलरीड क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी की मांग भी लंबे समय से की जा रही है. अगर ऐसा होता है तो मिडिल क्लास के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा.
खपत बढ़ाने पर सरकार का फोकस
जानकारों का मानना है कि सरकार इस बजट में खपत बढ़ाने वाले कदम उठा सकती है. शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में मांग को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता हो सकती है. टैक्स राहत के साथ GST नियमों को और सरल बनाया जा सकता है. इससे रोजमर्रा के खर्च पर बोझ कम होगा. खपत बढ़ने से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और मिडिल क्लास को सीधा फायदा होगा.
MSME सेक्टर से जुड़ी उम्मीदें
मिडिल क्लास के लिए नौकरी और इनकम की स्थिरता सबसे बड़ा मुद्दा है. बजट में MSME सेक्टर को सस्ता कर्ज और आसान नियम मिल सकते हैं. उद्योग संगठनों का कहना है कि रेगुलेटरी बोझ कम करने से रोजगार के नए अवसर बनेंगे. मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर को सपोर्ट मिलने की भी उम्मीद है. इससे युवाओं के लिए नौकरी के मौके बढ़ सकते हैं.
रेलवे को मिल सकती है प्राथमिकता
रेटिंग एजेंसी और जानकार के मुताबिक रेलवे इस बजट में अहम भूमिका निभा सकता है. अब जोर नई रेल लाइन बिछाने ट्रैक डबलिंग और क्षमता बढ़ाने पर रह सकता है. इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की संभावना है. इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर को भी फायदा मिलेगा. इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिडिल क्लास परिवारों तक पहुंचेगा.
महंगाई और फिस्कल घाटे पर संतुलन की चुनौती
मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक आने वाले वित्त वर्ष में महंगाई 4-4.2 फीसदी के आसपास रह सकती है. सरकार की कोशिश होगी कि महंगाई नियंत्रण में रहे ताकि मिडिल क्लास पर अतिरिक्त बोझ न पड़े. साथ ही फिस्कल घाटे को संभालना भी बड़ी चुनौती होगी. सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार संतुलित खर्च की रणनीति अपना सकती है. इसका असर टैक्स राहत और सब्सिडी के फैसलों पर पड़ेगा.
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मिडिल क्लास को क्या मिल सकता है
बजट 2026 से मिडिल क्लास को बड़ी घोषणाओं से ज्यादा छोटे लेकिन असरदार फैसलों की उम्मीद है. टैक्स राहत रोजगार के मौके और महंगाई पर नियंत्रण अहम मुद्दे रहेंगे. सरकार अगर खपत और आय बढ़ाने पर फोकस करती है तो आम परिवारों को राहत मिल सकती है. अब सबकी नजर बजट के दिन होने वाले ऐलानों पर टिकी है.
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