सालों पुराने Aircel-Maxis केस में ED का एक्शन, पी. चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, 1.16 करोड़ का मामला
पी. चिदंबरम के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला कई सालों से जांच के दायरे में है और अब इसमें नई कार्रवाई हुई है. इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी निवेश से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
P Chidambaram: देश की राजनीति और कानूनी मामलों में एक बार फिर एक बड़ा नाम चर्चा में आ गया है. पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में चार्जशीट दाखिल की है. यह मामला कई सालों से जांच के दायरे में है और अब इसमें नई कार्रवाई हुई है. इस केस में मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी निवेश से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ऐसे में यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और इसकी कानूनी प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है.
ED ने दाखिल की चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि उसे केंद्र सरकार से पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी मिल गई है. इसके बाद ED ने दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. एजेंसी का कहना है कि इससे केस की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ सकेगी.
क्या है एयरसेल-मैक्सिस मामला?
यह मामला विदेशी निवेश से जुड़ा है. ED के अनुसार, जब पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे, तब एक कंपनी को निवेश की मंजूरी दी गई थी. आरोप है कि इस मंजूरी के बदले में करीब 1.16 करोड़ रुपये की अवैध रकम ली गई. यह रकम कथित तौर पर उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को अलग-अलग कंपनियों के जरिए मिली.
आरोप क्या हैं
जांच एजेंसी का कहना है कि जिस निवेश की मंजूरी दी गई थी, वह 3565 करोड़ रुपये का था. इतने बड़े निवेश की मंजूरी देने का अधिकार कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स के पास था. लेकिन आरोप है कि यह मंजूरी नियमों के खिलाफ दी गई. ED ने यह भी दावा किया है कि पिता और बेटे के बीच पैसे का लेन-देन हुआ और कुछ रकम उनके लिए खर्च की गई.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में चार्जशीट दाखिल करने से पहले मंजूरी जरूरी है. इसी वजह से इस केस की सुनवाई में देरी हुई थी. अब मंजूरी मिलने के बाद ED ने चार्जशीट दाखिल की है. पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने इन सभी आरोपों को हमेशा गलत बताया है.
उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक कारणों से बनाया गया है. एयरसेल-मैक्सिस केस अब एक बार फिर चर्चा में है. चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले की सुनवाई तेज हो सकती है. आगे अदालत में क्या फैसला आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
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