DLF का ₹13.5 और Lodha का ₹14 बिलियन कैश फ्लो, किस डेवलपर की चाल है सबसे दमदार, किसे रखें फोकस में

भारत के रियल एस्टेट बाजार में दो बड़े डेवलपर्स ने तिमाही आंकड़ों के साथ नई हलचल पैदा कर दी है. बिक्री की रफ्तार, नए लॉन्च और अलग-अलग बाजारों से आती मांग ने दोनों कंपनियों की दिशा और रणनीति में दिलचस्प अंतर दिखाया है. आने वाला दौर उद्योग के लिए बेहद अहम हो सकता है.

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भारतीय रियल एस्टेट बाजार इस समय तेज गति से बदल रहा है. कई शहरों में नए लॉन्च बढ़ रहे हैं, खरीदारों की दिलचस्पी लौट रही है और प्री-सेल्स के आंकड़े लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. इस माहौल में देश की दो सबसे बड़ी लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनियां- DLF और Lodha- निवेशकों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. दोनों कंपनियों ने इस तिमाही मजबूत प्रदर्शन किया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनकी सफलता के कारण पूरी तरह अलग हैं. यही अंतर इस तुलना को और भी रोचक बनाता है.

DLF: बरसों का अनुभव और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की स्थिर चमक

DLF भारत के रियल एस्टेट इतिहास का एक मजबूत स्तंभ है. करीब आठ दशक के सफर में कंपनी ने 185 से अधिक प्रोजेक्ट पूरे किए हैं और उसके पोर्टफोलियो में 352 मिलियन वर्ग फीट से ज्यादा का डिलिवर्ड स्पेस शामिल है. साथ ही कंपनी के पास भविष्य के विकास के लिए 280 मिलियन वर्ग फीट की क्षमता मौजूद है. सबसे खास बात यह है कि DLF का बिजनेस सिर्फ घर बेचने तक सीमित नहीं है; कंपनी बड़े पैमाने पर कमर्शियल और रिटेल स्पेस भी विकसित करती है और उन्हें लीज पर देकर स्थिर आय अर्जित करती है.

DLF का फाइनेंशियल हेल्थ

तिमाही नतीजों में सबसे पहले नजर जाती है प्री-सेल्स पर. DLF ने दूसरी तिमाही में 43 बिलियन रुपये के प्री-सेल्स दर्ज किए, जो पिछले साल की तुलना में छह गुना ज्यादा हैं. हालांकि तिमाही-दर-तिमाही यह कमी दिखाते हैं, पर यह गिरावट पिछले क्वार्टर में भारी लॉन्च के कारण बेस हाई होने से जुड़ी मानी जा रही है. इस तिमाही में सबसे अधिक योगदान मुंबई मार्केट का रहा, जिसने आधे से ज्यादा प्री-सेल्स दिए. वहीं गुरुग्राम के लोकप्रिय प्रोजेक्ट The Dahlias में लगातार मजबूत मांग देखने को मिली, जिससे कंपनी को लगभग 16 बिलियन रुपये की बिक्री मिली.

पहली छमाही की तस्वीर और भी मजबूत है. DLF ने 1HFY26 में 157 बिलियन रुपये की बुकिंग हासिल की, जो साल-दर-साल 122 प्रतिशत बढ़ी है. कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल का प्री-सेल्स आंकड़ा 200 बिलियन रुपये के पार होगा. कलेक्शंस भी स्थिर रहे और 26.7 बिलियन रुपये तक पहुंचे. कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 13.5 बिलियन रुपये रहा, हालांकि डिविडेंड भुगतान और कैपेक्स के चलते तिमाही में हल्की कैश कमी दिखाई दी. इसके बावजूद कंपनी के पास सितंबर 2025 तक 77 बिलियन रुपये की मजबूत नेट कैश पोजिशन थी.

DLF का कमर्शियल और रिटेल लीजिग बिजनेस भी शानदार प्रदर्शन करता रहा. DCCDL से ऑफिस रेंटल आय 11.2 बिलियन रुपये तक पहुंची और रिटेल इनकम 2.4 बिलियन रुपये रही. कुल मिलाकर कंपनी का एन्युइटी रेवेन्यू 18.2 बिलियन रुपये तक पहुंच गया, और पोर्टफोलियो की कुल ऑक्यूपेंसी 94 प्रतिशत रही, जो इस सेगमेंट की मजबूती को दिखाती है.

जहां तक मुनाफे का सवाल है, कंपनी का रेवेन्यू 16.4 बिलियन रुपये पर आ गया, और EBITDA में भी गिरावट देखने को मिली, लेकिन ज्वाइंट वेंचर से मिली आय और कुछ एकमुश्त प्रॉफिट ने PAT को संभाले रखा.

Lodha: नए शहरों में तेज रफ्तार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी छलांग

Lodha, जिसे आज देश की सबसे आक्रामक विस्तार करने वाली रियल एस्टेट कंपनियों में गिना जाता है, कई शहरों में एक साथ बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च कर रही है. कंपनी का पोर्टफोलियो 110 मिलियन वर्ग फीट के डिलीवर किए गए प्रोजेक्ट्स और 130 मिलियन वर्ग फीट के निर्माणाधीन या प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स पर आधारित है.

दूसरी तिमाही में Lodha ने 45.7 बिलियन रुपये की प्री-सेल्स हासिल कीं, जो साल-दर-साल 7 प्रतिशत ज्यादा और तिमाही-दर-तिमाही 3 प्रतिशत ज्यादा थीं. यहां सबसे तेज विकास बेंगलुरु और पुणे मार्केट ने दिखाया. कंपनी के सरजापुर प्रोजेक्ट की डिमांड इतनी मजबूत रही कि बेंगलुरु की प्री-सेल्स पिछले साल की तुलना में नौ गुना बढ़ गईं. वहीं पुणे में चार गुना बढ़त देखी गई. यही कारण है कि Lodha की कुल तिमाही प्री-सेल्स का लगभग आधा हिस्सा इन दो शहरों से आया.

कंपनी ने इस तिमाही में 49 बिलियन रुपये के लॉन्च किए और पहली छमाही में यह संख्या 132 बिलियन रुपये पर पहुंच गई. अगले दो क्वार्टर में कंपनी और 140 बिलियन रुपये के लॉन्च लाने की तैयारी में है. Lodha का कहना है कि उसकी साप्ताहिक स्थिर बिक्री लगभग तीन बिलियन रुपये पर बनी हुई है, और तीसरी तिमाही में 60 बिलियन रुपये के प्री-सेल्स का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी ने FY26 का 210 बिलियन रुपये का वार्षिक लक्ष्य दोहराया है.

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कलेक्शंस 35 बिलियन रुपये तक पहुंच गए और ऑपरेटिंग कैश फ्लो 14 बिलियन रुपये रहा. गैर-मुंबई बाजारों में विस्तार के कारण कंपनी की नेट डेट में हल्की बढ़त हुई है, लेकिन फिर भी उसका डेप्ट-इक्विटी अनुपात सुरक्षित स्तर पर है. एक और महत्वपूर्ण पहल Palava का डेटा सेंटर हब है, जिसके लिए कंपनी ने 400 एकड़ जमीन चिन्हित की है और महाराष्ट्र सरकार के साथ समझौता भी किया है.

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दो कंपनियां, दो अलग राहें… लेकिन लक्ष्य एक

DLF अपनी एन्युइटी आय और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स के सहारे स्थिरता दिखा रही है. वहीं Lodha नए शहरों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव लगाकर तेजी हासिल कर रहा है. दोनों की रणनीतियां अलग हैं, लेकिन दोनों ही आने वाले महीनों में रियल एस्टेट सेक्टर की रफ्तार तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

संकेतकDLFLodha
प्री-सेल्स (Q2)₹43 बिलियन₹45.7 बिलियन
YoY प्री-सेल्स ग्रोथ6x7%
1HFY26 बुकिंग्स₹157 बिलियन₹90.2 बिलियन
कलेक्शंस₹26.7 बिलियन₹35 बिलियन
ऑपरेटिंग कैश फ्लो₹13.5 बिलियन₹14 बिलियन
नेट डेटनेट कैश ₹77 बिलियन₹53.7 बिलियन डेट
रेवेन्यू (Q2)₹16.4 बिलियन₹37.9 बिलियन
EBITDA (Q2)₹2.8 बिलियन₹11.1 बिलियन

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल सेक्टर की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.