Gold Rate Today: अक्षय तृतीया से पहले सोने ने पकड़ी रफ्तार, 93000 के पार पहुंची कीमत, चांदी हुई सस्ती
ट्रंप टैरिफ और बाजार की अस्थिरता के चलते सोने की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है. निवेशक सोने में ज्यादा निवेश कर रहे हैं. जिसकी वजह से एमसीएक्स पर सोने के भाव बढ़े हुए हैं. इसी के साथ अक्षय तृतीया के नजदीक आने के साथ ही सोना और महंगा होता जा रहा है, तो कितनी बढ़ गई कीमत जानें डिटेल.
Gold and Silver Rate Today: Gold and Silver Rate Today: सोने की कीमत पहले से ही आसमान छू रही है. वहीं अक्षय तृतीया के नजदीक आते ही सोने की कीमतें उछाल मारने लगी हैं. MCX पर मंगलवार को सोना 130 रुपये की बढ़त के साथ 93,382 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. हालाांकि ग्लोबल लेवल पर पीली धातु में थोड़ी गिरावट देखी गई. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.37% गिरकर 3,224.8 डॉलर हो गई. वही एमसीएक्स पर आज चांदी में भी गिरावट देखने को मिली. ये 220 रुपये लुढ़ककर 94,650 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.
पेटीएम पर एक ग्राम सोने का भाव 9723 है यानी 10 ग्राम सोने का भाव 97,230 रुपये पर पहुंच गया है. वहीं इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार 11 मार्च को 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत 90161 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था, जबकि 99.5% प्योरिटी वाले सोने का भाव 89800 रुपये प्रति 10 ग्राम था. चूंकि 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के चलते एमसीएक्स बंद था, इसलिए इसमें कल कारोबार नहीं हाे सका था.

शहरवार देखें कीमतें
रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी, जिससे यह 93,110 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी. मुंबई में इसकी कीमत 93,270 रुपये थी. कोलकाता में यह दर बढ़कर 93,140 रुपये हो गई, जबकि बेंगलुरू में यह 93,340 थी. अगर चेन्नई की बात करें ताे यहां 10 ग्राम सोना सबसे ज्यादा महंगा था, जिसकी कीमत 93,540 रुपये थी. बता दें सोने में उछाल का ये दौर आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज के वीकली रिपोर्ट में मुताबिक 15 से 17 अप्रैल के बीच MCX पर सोना 96,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छूने का अनुमान है.
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ग्लोबल लेवल पर क्यों बढ़ीं कीमतें
सोने की कीमत 14 मार्च को ग्लोबल लेवल पर पहली बार 3,000 डॉलर प्रति औंस को पार कर गई थी. इसमें तेजी की वजह केंद्रीय बैंक की खरीददारी की होड़ और दुनिया भर में आर्थिक कमजोरी थी. इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति के बाद हालात और खराब हो गए थे, जिससे वैश्विक बाजारों में जोरदार गिरावट देखने को मिली थी.
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