कमजोर डॉलर से चमके गोल्ड-सिल्वर, एक दिन में ₹5000 महंगी हुई चांदी; सोना भी ₹2300 उछला
कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच सोना-चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली है. दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी में 5000 रुपये की उछाल दर्ज की गई जबकि सोना 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार चला गया. जानें बढ़ती कीमतों को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स की राय.

Gold-Silver Rate 06-04-2026: राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सप्ताह की शुरुआत मजबूती के साथ हुई, जहां सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई. कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते निवेशकों ने कीमती धातुओं की ओर रुख किया, जिससे बाजार में तेज उछाल देखने को मिला.
किसका-कितना बढ़ा भाव?
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार, 6 अप्रैल को चांदी की कीमत में 5,000 रुपये की बड़ी तेजी आई, जिसके बाद इसका भाव 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर पहुंच गया. इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,37,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी. यानी एक ही दिन में करीब 2.11 फीसदी की उछाल दर्ज की गई, जो हालिया गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी का संकेत देती है. वहीं सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली. 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 2,300 रुपये चढ़कर 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1,51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. यानी सोने में करीब 1.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.
वैल्यू बाईंग ने बढ़ाई चमक?
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर खरीदारी यानी वैल्यू बाईंग शुरू की है, जिससे कीमतों को सहारा मिला है. HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने सोने-चांदी की मांग को बढ़ाया है. इसके अलावा वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है.
इंटरनेशनल बाजार की क्या स्थिति?
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख भी सकारात्मक रहा. स्पॉट सिल्वर की कीमत करीब 0.5 फीसदी बढ़कर 73.37 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी के साथ यह 4,680 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा. वैश्विक बाजार में यह मजबूती घरेलू कीमतों में भी झलक रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुओं की दिशा काफी हद तक वैश्विक जियो पॉलिटिकल घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी. खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालात बाजार को प्रभावित कर सकते हैं. अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो सोना-चांदी में सुरक्षित निवेश की मांग और बढ़ सकती है.
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
हालांकि, बाजार के जानकार यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि सोने की तेजी पर कुछ हद तक ब्रेक लग सकता है. मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, खासकर रोजगार से जुड़े संकेतक, डॉलर को सपोर्ट दे सकते हैं, जिससे बुलियन कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च टीम के मुताबिक, इस हफ्ते बाजार की नजर FOMC मिनट्स, US Core PCE और CPI जैसे अहम डेटा पर रहेगी, लेकिन जब तक जियो पॉलिटिकल स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं आता, तब तक इन आंकड़ों का असर सीमित रह सकता है.
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