Gold Silver Rate Today 10-02-2026: चांदी 7500 रुपये टूटी, 2200 रुपये महंगा हुआ सोना; जानें नई कीमतें

राजधानी दिल्ली में 10 फरवरी को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी अलग-अलग दिशा में रहे. चांदी की कीमत 7,500 रुपये टूटकर 2.64 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई. वहीं, सोना 2,200 रुपये महंगा होकर 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय संकेतों और अमेरिकी आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.

सोने-चांदी के दाम Image Credit: Money9 Live

Gold Silver Rate Today: देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि सोने के भाव में मजबूती दर्ज की गई. डॉलर के मजबूत रुख के बीच सर्राफा बाजार में दोनों की चाल अलग-अलग रही. ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी की कीमत 7,500 रुपये यानी करीब 3 फीसदी टूटकर 2,64,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई. इससे पहले सोमवार को चांदी 2,72,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी. यह कीमतें सभी करों को मिलाकर बताई गई हैं.

सोने की कीमतों में दिखी तेजी

दूसरी ओर, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत में 2,200 रुपये यानी करीब 1.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. सोना अब 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था.

लगातार दूसरे दिन सोने में खरीदारी

बाजार जानकारों का कहना है कि ज्वैलर्स और निवेशकों की ओर से लगातार खरीदारी के चलते सोने की कीमतों में दूसरे दिन भी तेजी बनी रही. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि मंगलवार को सोने में हल्की मजबूती देखने को मिली और निवेशक नए मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में सोना और चांदी दोनों ही एक बड़े दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकते हैं, क्योंकि बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन फेज में प्रवेश कर रहा है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 1.13 डॉलर यानी 1.37 फीसदी गिरकर 82.16 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं सोना मामूली कमजोरी के साथ 5,052.43 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा. एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, बाजार की नजर अब अमेरिका के रिटेल सेल्स, बेरोजगारी और नॉन-फार्म पेरोल जैसे अहम आंकड़ों पर है. उनका कहना है कि ये आंकड़े बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं और इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर उम्मीदें तय होंगी.

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