HAL को मिला 2312 करोड़ रुपये का ऑर्डर, स्वदेशी विमानों से मजबूत होगी कोस्टगार्ड की क्षमता
डिफेंस मंत्रालय ने Hindustan Aeronautics Limited के साथ 2312 करोड़ रुपये का बड़ा करार किया है, जिसके तहत Indian Coast Guard के लिए 8 डोर्नियर 228 विमान और ऑपरेशनल रोल इक्विपमेंट खरीदे जाएंगे. यह समझौता बाय इंडियन कैटेगरी के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करना है.
HAL defence order: भारत की डिफेंस तैयारियों को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए डिफेंस मंत्रालय ने Hindustan Aeronautics Limited के साथ 2312 करोड़ रुपये का बड़ा करार किया है. यह करार Indian Coast Guard के लिए 8 डोर्नियर 228 विमान और उनसे जुड़े ऑपरेशनल रोल इक्विपमेंट की खरीद को लेकर किया गया है. यह समझौता बाय इंडियन कैटेगरी के तहत हुआ है, जिसका मकसद देश में ही रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूत करना है.
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साइन किया गया. डोर्नियर 228 विमान मल्टी यूटिलिटी एयरक्राफ्ट हैं, जिनका इस्तेमाल समुद्री निगरानी, सर्च एंड रेस्क्यू, प्रदूषण निगरानी और तटीय सुरक्षा जैसे अहम अभियानों में किया जाता है. इन विमानों की तैनाती से भारतीय तटरक्षक बल की ऑपरेशनल क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा होने की उम्मीद है.
आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को बढ़ावा
यह सौदा सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया नीति की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है. एचएएल के कानपुर स्थित ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट डिवीजन में इन विमानों का निर्माण किया जाएगा. इससे न केवल देश की रक्षा जरूरतें घरेलू स्तर पर पूरी होंगी, बल्कि विदेशी निर्भरता भी कम होगी. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस प्रोग्राम से एचएएल के प्रोडक्शन इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और उससे जुड़े एमएसएमई तथा सहायक उद्योगों को भी बड़ा लाभ होगा.
रोजगार और उद्योग को मिलेगा फायदा
2312 करोड़ रुपये के इस करार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. विमान निर्माण के अलावा मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल यानी एमआरओ सेवाओं में भी लंबे समय तक काम मिलेगा. साथ ही लाइफ साइकिल टेक्निकल सपोर्ट से जुड़ी गतिविधियों में भी निरंतर अवसर बनेंगे. इससे एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में स्किल डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा.
समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत
डोर्नियर 228 विमान भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री सुरक्षा संरचना को और मजबूत करेंगे. ये विमान लंबी दूरी तक निगरानी करने में सक्षम हैं और तटीय इलाकों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखने में मदद करते हैं. खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच ऐसे विमानों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है.
बड़े रक्षा फैसलों की कड़ी
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल की बैठक में करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये के विभिन्न डिफेंस प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति दी गई थी. इनमें भारतीय वायुसेना के लिए मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट, कॉम्बैट मिसाइल और हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जबकि थल सेना के लिए एंटी टैंक माइंस और बख्तरबंद वाहनों के ओवरहॉल को मंजूरी दी गई है. कुल मिलाकर, डोर्नियर 228 विमानों की यह खरीद न केवल भारतीय तटरक्षक बल की ताकत बढ़ाएगी, बल्कि देश के रक्षा उद्योग, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी नई गति देगी.
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