फरवरी में कोर सेक्टर की ग्रोथ घटकर 2.3 फीसदी पर आई, एनर्जी से जुड़े सेक्टर्स में कमजोरी बरकरार

जिन उद्योगों पर खास ध्यान दिया जा रहा है, उनमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल हैं. पिछले महीने कोयले के उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

कोर सेक्टर की ग्रोथ. Image Credit: Freepik

भारत के कोर इंडस्ट्री की ग्रोथ फरवरी में धीमी होकर 2.3 फीसदी रह गई, जबकि जनवरी 2026 में यह 4.7 फीसदी थी. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह इंडेक्स, जो आठ मुख्य सेक्टरों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखता है और देश के कुल औद्योगिक उत्पादन का 40 फीसदी हिस्सा है. जनवरी में सालाना आधार पर संशोधित 4.7 फीसदी की दर से बढ़ा.

जिन उद्योगों पर खास ध्यान दिया जा रहा है, उनमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल हैं.

कोयले के उत्पादन में इजाफा

पिछले महीने कोयले के उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इसका कुल इंडेक्स 185.8 पर ही बना रहा.

फरवरी, 2026 में आठ मुख्य उद्योगों (ICI) का संयुक्त इंडेक्स, फरवरी, 2025 के सूचकांक की तुलना में 2.3 फीसदी (अस्थायी) बढ़ा. फरवरी, 2026 में सीमेंट, इस्पात, उर्वरक, कोयला और बिजली के उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई.

40.27 फीसदी हिस्सा

ICI आठ मुख्य उद्योगों – कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली – के उत्पादन के संयुक्त और व्यक्तिगत प्रदर्शन को मापता है. आठ मुख्य उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में शामिल मदों के कुल भार में 40.27 फीसदी हिस्सा है.

जनवरी 2026 के लिए आठ मुख्य उद्योगों के इंडेक्स की अंतिम विकास दर 4.7 फीसदी दर्ज की गई. अप्रैल से फरवरी, 2025-26 के दौरान ICI की संचयी विकास दर, पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.9 फीसदी (अस्थायी) रही.

बिजली उत्पादन में वृद्धि

इस नरमी का एक बड़ा कारण बिजली उत्पादन में वृद्धि की गति का तेजी से धीमा होना था. फरवरी में यह 0.5 फीसदी रही, जो जनवरी के 5.2 फीसदी से काफी कम थी. बिजली का कुल उत्पादन में हिस्सा (weight) लगभग 20 फीसदी होने के कारण, इस सुस्ती का कुल आंकड़ों पर काफी असर पड़ा.

स्टील और सीमेंट का प्रदर्शन

स्टील और सीमेंट ही मुख्य रूप से अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र रहे, हालांकि इन दोनों की गति भी कुछ धीमी हुई. फरवरी में स्टील उत्पादन 7.2 फीसदी बढ़ा, जबकि जनवरी में यह 11.5 फीसगदी था; वहीं सीमेंट उत्पादन 9.3 फीसदी बढ़ा, जो पिछले महीने दर्ज की गई 11.3 फीसदी की वृद्धि से कम था.

ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों में स्थिति कमजोर ही बनी रही. कच्चे तेल का उत्पादन 5.2 प्रतिशत घटा, जबकि प्राकृतिक गैस का उत्पादन 5 प्रतिशत कम हुआ, जिससे गिरावट का यह सिलसिला और लंबा हो गया. रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में भी गिरावट आई; जनवरी में उत्पादन लगभग स्थिर रहने के बाद, फरवरी में इसमें 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई.

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