ऑलटाइम हाई के बाद फिसला विदेशी मुद्रा भंडार, 2.119 अरब डॉलर की हुई गिरावट; रुपया भी 8 पैसे टूटा
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 20 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 2.119 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुल फॉरेक्स रिजर्व 723.608 अरब डॉलर पर आ गया. इससे पहले यह ऑलटाइम हाई पर पहुंचा था. फॉरेन करेंसी एसेट और गोल्ड रिजर्व में भी कमी देखी गई. इसी दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर 90.99 पर बंद हुआ.
India Forex Reserve: वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में ताजा सप्ताह में कमी दर्ज की गई है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 20 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 2.119 अरब डॉलर घटकर 723.608 अरब डॉलर रह गया. इससे पहले वाले सप्ताह में भंडार 8.663 अरब डॉलर बढ़कर 725.727 अरब डॉलर के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया था.
फॉरेन करेंसी एसेट में कमी
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, कुल भंडार का प्रमुख हिस्सा मानी जाने वाली फॉरेन करेंसी एसेट 1.039 अरब डॉलर घटकर 572.564 अरब डॉलर रह गईं. डॉलर में व्यक्त इन एसेट पर यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल होता है.
सप्ताह के दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य 977 मिलियन डॉलर घटकर 127.489 अरब डॉलर रह गया. इसके अलावा स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स 84 मिलियन डॉलर घटकर 18.84 अरब डॉलर पर आ गए. आईएमएफ के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन भी 18 मिलियन डॉलर घटकर 4.716 अरब डॉलर रह गई.
रुपया 8 पैसे कमजोर
इसी बीच, शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर 90.99 पर अस्थायी रूप से बंद हुआ. इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.91 पर खुला और 90.91 से 91.06 के दायरे में कारोबार करने के बाद 90.99 पर बंद हुआ.
फॉरेक्स डीलरों के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने रुपये पर दबाव बनाया. इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और घरेलू शेयर बाजार में गिरावट ने भी स्थानीय मुद्रा को कमजोर किया.
कच्चे तेल और शेयर बाजार का असर
ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.64 फीसदी बढ़कर 71.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. घरेलू शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिला, जहां सेंसेक्स 961.42 अंकों की गिरावट के साथ 81287.19 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 317.90 अंक गिरकर 25178.65 पर आ गया. एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 3465.99 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की. विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की दिशा और वैश्विक जोखिम भावनाएं आगे भी रुपये की चाल तय करेंगी.
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