IAF की ताकत बढ़ाने की तैयारी… फिर आएंगे राफेल, भारत-फ्रांस मेगा डील के बेहद करीब
भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर बातचीत तेज हो गई है. दोनों देश एक मेगा डील के काफी करीब बताए जा रहे हैं. इस डील के तहत भारतीय वायुसेना के लिए अतिरिक्त राफेल विमान खरीदे जाएंगे.
India, France Rafale deal: भारतीय वायुसेना में पुराने विमान रिटायर हो रहे हैं और नए विमानों की जरूरत लगातार बढ़ रही है. इसी बीच भारत और फ्रांस के बीच एक बड़े और अहम रक्षा सौदे की तैयारी चल रही है. इस सौदे के तहत भारत और ज्यादा राफेल लड़ाकू विमान खरीद सकता है. यह डील सिर्फ वायुसेना की ताकत नहीं बढ़ाएगी, बल्कि भारत में रक्षा निर्माण को भी नई दिशा देगी. खास बात यह है कि राफेल विमानों का बड़ा हिस्सा भारत में ही बनाया जाएगा. आने वाले समय में यह सौदा भारत की रक्षा रणनीति और आत्मनिर्भरता के लिए काफी अहम माना जा रहा है.
भारत और फ्रांस के बीच बड़ा राफेल सौदा
भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर बातचीत तेज हो गई है. दोनों देश एक मेगा डील के काफी करीब बताए जा रहे हैं. इस डील के तहत भारतीय वायुसेना के लिए अतिरिक्त राफेल विमान खरीदे जाएंगे. माना जा रहा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अगले महीने होने वाली भारत यात्रा से पहले इस प्रस्ताव को और रफ्तार मिल सकती है.
वायुसेना की जरूरत और प्रस्ताव
भारतीय वायुसेना ने पहले ही सरकार के सामने नए लड़ाकू विमानों का प्रस्ताव रखा है. इसमें यह भी तय किया गया है कि राफेल विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा. फिलहाल कितने विमान खरीदे जाएंगे, इस पर बातचीत जारी है. लेकिन वायुसेना को कम से कम 114 आधुनिक लड़ाकू विमानों की जरूरत बताई जा रही है.
मंजूरी की प्रक्रिया क्या होगी
इस बड़े रक्षा सौदे के लिए कई स्तरों पर मंजूरी जरूरी होगी. सबसे पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद से इसे हरी झंडी लेनी होगी. इसके बाद कीमत को लेकर बातचीत होगी. फिर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से अंतिम मंजूरी ली जाएगी. साथ ही केंद्र सरकार को इसके लिए बजट में पर्याप्त रकम का प्रावधान भी करना होगा. पिछले साल भारत ने राफेल के 24 नौसैनिक वर्जन खरीदने का समझौता किया था.
इसी सौदे के आधार पर बड़े राफेल सौदे की कीमत का एक अनुमान पहले से मौजूद है. यह नया सौदा कई अरब यूरो का हो सकता है. राफेल विमानों का भारत में निर्माण देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. जून 2025 में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन के बीच समझौता हुआ था. इसके तहत राफेल विमान के फ्यूजलेज यानी मुख्य ढांचे के कुछ हिस्से भारत में बनाए जाएंगे.
हैदराबाद में बनेगा प्लांट
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स हैदराबाद में एक खास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तैयार कर रही है. यहां राफेल के चार बड़े फ्यूजलेज हिस्से बनाए जाएंगे. यह यूनिट भारत के लिए ही नहीं बल्कि डसॉल्ट को मिलने वाले वैश्विक ऑर्डर के लिए भी काम करेगी. उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2028 तक यहां से पहली डिलीवरी शुरू हो जाएगी. इस प्लांट की क्षमता सालाना 24 फ्यूजलेज बनाने की होगी.
यह भी पढ़ें: भरी रखें जेब! अगले हफ्ते रहेगी IPOs की बहार, 6 में दांव का होगा मौका तो इन कंपनियों के शेयर होंगे लिस्ट
Latest Stories
Demat Account Growth: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे डीमैट अकाउंट्स, लेकिन 6 साल में सबसे धीमी रही ग्रोथ
Gold and Silver Rate today: फिर चमका सोना, ₹138000 के हुआ पार, चांदी में दिखी नरमी
वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की तैयारी में जुटी Reliance, अमेरिकी सरकार से साध रही संपर्क, मंजूरी का इंतजार
