इस मेटल ने साल भर में दिया 150% से ज्यादा रिटर्न, गोल्ड-सिल्वर को छोड़ा पीछे, ऑटो व हेल्थकेयर सेक्टर में जबरदस्त मांग

2025 में प्लेटिनम ने निवेशकों को चौंकाते हुए 150% से ज्यादा रिटर्न दिया है. सीमित सप्लाई, ऑटोमोबाइल, ग्रीन एनर्जी, मेडिकल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में बढ़ती मांग ने इसकी कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया, जिससे इसने सोने और चांदी से बेहतर प्रदर्शन किया.

प्लेटिनम Image Credit: canva

2025 में जहां सोना और चांदी निवेशकों की पहली पसंद बने रहे. वहीं एक धातु ऐसी भी रही जिसने चुपचाप बाजी मार ली. हम बात कर रहे हैं प्लेटिनम की, जिसने बीते एक साल में करीब 158 फीसदी तक का रिटर्न देकर न सिर्फ सोने को पछाड़ा बल्कि चांदी के प्रदर्शन को भी कड़ी टक्कर दी. वैश्विक कमोडिटी बाजार में प्लेटिनम अब “अंडरडॉग” नहीं रहा, बल्कि तेजी का नया सितारा बनकर उभरा है. कुल मिलाकर, सीमित सप्लाई और बढ़ती इंडस्ट्रियल मांग ने प्लेटिनम को 2025 का बड़ा सरप्राइज पैकेज बना दिया है. यही वजह है कि इस धातु ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया और चांदी को कड़ी चुनौती दी. आने वाले समय में भी अगर ग्रीन टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रीज का विस्तार जारी रहा, तो प्लेटिनम की चमक और तेज हो सकती है.

क्यों आई तेजी

आंकड़ों पर नजर डालें तो प्लेटिनम की कीमतें एक साल पहले 900–950 डॉलर के आसपास थीं जो अब बढ़कर करीब 2470 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई हैं. अकेले दिसंबर 2025 में ही इसमें करीब 58 फीसदी की तेजी देखने को मिली, जबकि इसी दौरान सोना और चांदी 40 फीसदी तक ही चढ़ पाए. इसकी सबसे बड़ी वजह है सप्लाई की कमी और इंडस्ट्रियल डिमांड में तेज उछाल.

क्या है इसकी खासियत

प्लेटिनम की खासियत इसकी मजबूती, जंग-रोधी क्षमता और कैटेलिटिक प्रॉपर्टीज हैं जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल कई अहम सेक्टर्स में होता है. ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में यह कैटेलिटिक कन्वर्टर का अहम हिस्सा है जो वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करता है. दुनियाभर में सख्त होते एमिशन नॉर्म्स के चलते इस सेक्टर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

क्या बनता है

इसके अलावा ज्वेलरी और लग्जरी गुड्स में प्लेटिनम की चमक अलग ही है. इसकी नैचुरल व्हाइट शाइन और टिकाऊपन के कारण यह हाई-एंड ज्वेलरी, खासकर वेडिंग रिंग्स में खूब पसंद किया जाता है. वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर में इसकी कंडक्टिविटी और स्थिरता इसे बेहद जरूरी बनाती है.

इस सेक्टर में भी अहम भूमिका

मेडिकल और हेल्थकेयर में भी प्लेटिनम की भूमिका अहम है. पेसमेकर, डेंटल टूल्स और यहां तक कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी दवाओं में प्लेटिनम कंपाउंड्स का उपयोग होता है. इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी में, खासकर हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स में प्लेटिनम एक अहम कड़ी है, जो इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से और भी महत्वपूर्ण बना देता है.