‘मोदी मेरे दोस्त हैं’- दावोस में ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जताया भरोसा, दोनों देशों के रिश्ते पर दिया बड़ा संकेत

WEF 2026 के दौरान दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें करीबी दोस्त बताया. ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द एक अच्छी ट्रेड डील होगी, जबकि दोनों देशों के बीच टैरिफ, रूसी तेल और कृषि जैसे मुद्दों पर तनाव बना हुआ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Image Credit: money9live/Canva

Trump on PM Modi and Trade Deal WEF: World Economic Forum (WEF) 2026 के दौरान दावोस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है. मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी को एक “शानदार इंसान” और “करीबी दोस्त” बताया और भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द एक अच्छी ट्रेड डील होगी.

‘अच्छा समझौता जरूर होगा’

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, “मैं आपके प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करता हूं. वह एक बेहतरीन व्यक्ति हैं और मेरे दोस्त हैं. भारत और अमेरिका के बीच एक अच्छा समझौता जरूर होगा.” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है और टैरिफ, जियो-पॉलिटिक्स, ऊर्जा व कृषि जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं.

ट्रेड तनाव के बीच नरम लहजा

भारत-अमेरिका ट्रेड रिश्तों में फिलहाल तनाव है. ट्रंप प्रशासन ने भारतीय निर्यात पर करीब 50 फीसदी तक टैरिफ लगा रखे हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा माने जा रहे हैं. इसके बावजूद दावोस में ट्रंप का लहजा अपेक्षाकृत सकारात्मक और दोस्ताना दिखा. ट्रेड डील के सवाल पर उन्होंने सीधे कहा, “हम एक अच्छा सौदा करने जा रहे हैं.”

रूसी तेल और टैरिफ की चेतावनी

इससे पहले ट्रंप भारत द्वारा रूसी तेल खरीद को लेकर सख्त बयान दे चुके हैं. उन्होंने दावा किया था कि अमेरिकी दबाव के बाद भारत ने रूसी तेल का आयात घटाया है. उस वक्त ट्रंप ने कहा था, “वे मुझे खुश करना चाहते थे. मोदी जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं और मुझे खुश रखना जरूरी था.” ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर भारत अमेरिकी रुख के अनुरूप नहीं चला, तो उस पर तेजी से टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं. हालांकि भारत सरकार ने साफ किया है कि रूसी तेल खरीद को लेकर कोई वादा नहीं किया गया है और ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित व कीमतों की स्थिरता के आधार पर तय होती है.

कृषि और ब्रिक्स बना बड़ा मुद्दा

अमेरिका लगातार भारत पर कृषि बाजार खोलने का दबाव बना रहा है, जिसे भारत बेहद संवेदनशील मुद्दा मानता है. वहीं, भारत का BRICS समूह में सक्रिय रहना और रूस के साथ संबंध भी अमेरिका को खटकते रहे हैं. जवाब में भारत ने भी कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाए हैं. अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने भी भारत-अमेरिका रिश्तों पर भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप और पीएम मोदी की दोस्ती असली है और दोनों देशों के बीच मतभेद होने के बावजूद समाधान निकलता रहेगा. गोर ने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत दौरे पर आ सकते हैं.

‘मोदी ने फोन नहीं किया’ वाले दावे पर विवाद

इस बीच अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए ट्रेड डील आगे नहीं बढ़ पाई. इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ा जवाब दिया और कहा कि यह बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है. MEA ने बताया कि फरवरी 2025 से ही दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है और कई बार समझौते के बेहद करीब पहुंचा गया था. मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच आठ बार फोन पर बातचीत हुई है, जिनमें ट्रेड समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

ये भी पढ़ें- सोने-चांदी ने फिर तोड़े रिकॉर्ड, एक दिन में गोल्ड ₹6500 महंगा, सिल्वर ने लगाई ₹11300 की छलांग; जानें नई कीमतें