डॉलर के मुकाबले धड़ाम हुआ रुपया, इंट्राडे में 41 पैसा टूटा; बनाया नया ऑल-टाइम लो

भारतीय रुपया एक बार फिर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारी दबाव में आ गया है. इंट्राडे कारोबार के दौरान रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 91.99 तक फिसल गया और 41 पैसे की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. विदेशी फंड आउटफ्लो, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया.

भारतीय रुपया में गिरावट Image Credit: money9live.com

Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया शुक्रवार को भारी दबाव में नजर आया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इंट्राडे कारोबार के दौरान रिकॉर्ड निचले स्तर 91.99 तक फिसल गया. लगातार विदेशी फंड आउटफ्लो, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन और घरेलू शेयर बाजारों में तेज गिरावट ने निवेशकों की सेंटीमेंट को कमजोर किया, जिसका सीधा असर रुपये की चाल पर पड़ा. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात में स्थिरता नहीं आती और प्रमुख ट्रेड डील्स को लेकर स्पष्टता नहीं बनती, तब तक रुपये पर दबाव बना रह सकता है.

शुरुआती मजबूती के बाद तेज गिरावट

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 91.45 के स्तर पर खुला था. शुरुआती कारोबार में इसने 91.41 के उच्च स्तर को भी छुआ, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी. जल्द ही बिकवाली का दबाव बढ़ा और रुपया कमजोर होता चला गया. कारोबार के दौरान यह 91.99 के स्तर तक पहुंच गया, जो इसका अब तक का सबसे निचला इंट्राडे स्तर है.

यह पिछले बंद स्तर की तुलना में 41 पैसे की गिरावट है. गुरुवार को हालांकि रुपये ने थोड़ी राहत दिखाई थी और ऑल-टाइम लो से उबरते हुए 7 पैसे की मजबूती के साथ 91.58 पर बंद हुआ था, लेकिन शुक्रवार को यह मजबूती टिक नहीं सकी.

ग्लोबल फैक्टर्स ने बढ़ाया दबाव

इस बीच डॉलर इंडेक्स 0.03 फीसदी की बढ़त के साथ 98.38 पर कारोबार कर रहा था. मजबूत डॉलर का सीधा असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर पड़ता है. इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी रुपये के लिए नकारात्मक संकेत मानी जा रही है. ब्रेंट क्रूड 1.09 फीसदी की बढ़त के साथ 64.76 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिससे भारत जैसे कच्चा तेल आयातक देश की आयात लागत बढ़ने की आशंका रहती है.

शेयर बाजार और FII बिकवाली

घरेलू शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली. बीएसई सेंसेक्स 758.94 अंक टूटकर 81,562 पर आ गया, जबकि निफ्टी 229.95 अंकों की गिरावट के साथ 25,054.40 के स्तर पर आ गया. कमजोर इक्विटी बाजार का असर भी रुपये पर पड़ा. एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार से 2,549.80 करोड़ रुपये की निकासी की है.

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