ट्रंप के टैरिफ पर आज नहीं आएगा कोई फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने फिर टाला निर्णय
उम्मीद जताई जा रही थी कि यूनाइटेड स्टेट्स का सुप्रीम कोर्ट बुधवार 14 जनवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा US के ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए गए टैरिफ की लीगैलिटी पर अपना फैसला सुनाएगा. टैरिफ में बढ़ोतरी से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में भारत भी शामिल है.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर बुधवार 14 जनवरी को एक बार फिर से अपना फैसला टाल दिया है. अमेरिकी कोर्ट ने बुधवार को तीन फैसले सुनाए, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ की वैधता को लेकर चल रहे अहम विवाद पर कोई फैसला नहीं सुनाया और अभी यह तय नहीं है कि कोर्ट अपना अगला फैसला कब सुनाएगा.
कोर्ट ने यह भी नहीं बताया कि वह टैरिफ विवाद पर दोबारा कब सुनवाई करेगा. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट पहले से यह घोषणा नहीं करता है कि किसी खास दिन कौन से फैसले सुनाए जाएंगे.
दूसरी बार टला फैसला
यह दूसरी बार है जब सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ सिस्टम की वैधता पर फैसला टाला है. इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत 2025 में लगाए गए टैरिफ ने दुनियाभर से इंपोर्ट किए गए सामानों पर ट्रंप प्रशासन ने ज्यादा ड्यूटी लगाई है. कई मामलों में यह 10 फीसदी से 50 फीसदी के बीच है.
अमेरिका में आलोचकों ने तर्क दिया है कि राष्ट्रपति ने इस कानून का इस्तेमाल करके अपनी संवैधानिक शक्ति का उल्लंघन किया है, जिसे असल में असली राष्ट्रीय आपात स्थितियों के लिए बनाया गया था.
ट्रंप ने दी है चेतावनी
दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी है कि उनके टैरिफ को पलटने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अराजकता फैल सकती है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि अगर कोर्ट इन टैरिफ को रद्द कर देता है, तो पहले से जुटाए गए अरबों डॉलर के टैरिफ रेवेन्यू को वापस करना ‘पूरी तरह से गड़बड़’ होगा.
प्रभावित देशों में भारत भी शामिल
टैरिफ में बढ़ोतरी से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में भारत भी शामिल है. रूस के साथ एनर्जी ट्रेड के फैसलों पर अतिरिक्त पेनल्टी लगाने के बाद अमेरिका को होने वाले भारतीय एक्सपोर्ट पर कुल टैरिफ का बोझ 50% तक पहुंच गया है. इस कदम को भारत ने बार-बार अनुचित बताया है.
इसके अलावा, व्हाइट हाउस ने मंगलवार को ईरान के साथ व्यापार करने वाले सभी देशों पर अमेरिका के साथ सभी ट्रेड पर 25 फीसदी का और टैरिफ लगाने का ऐलान किया.
भारतीय बाजार का माहौल
भारत में मार्केट का माहौल सतर्क बना हुआ है, क्योंकि निवेशक US सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं. अगर टैरिफ लागू रहते हैं, तो शुरुआती ट्रेड रियायतों की संभावना कमजोर हो सकती है, जिससे एक्सपोर्ट पर फोकस करने वाले बिजनेस पर तनाव बढ़ सकता है और लगातार वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के बीच करेंसी मार्केट में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
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