अमेरिका ने 50 फीसदी बढ़ाया डिफेंस बजट, जानें भारत से कितना ज्यादा; कहां हो रहा है सबसे ज्यादा खर्च

अमेरिका और भारत के रक्षा बजट में बड़ा अंतर देखने को मिलता है. वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका का रक्षा बजट करीब 850 अरब डॉलर है जबकि भारत का 2025 26 के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है. अमेरिका का फोकस वैश्विक सैन्य मौजूदगी और एडवांस हथियारों पर है. वहीं भारत सीमा सुरक्षा आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर ज्यादा ध्यान दे रहा है.

अमेरिका और भारत के रक्षा बजट में बड़ा अंतर देखने को मिलता है.

US-India Defence Budget: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि देश का डिफेंस बजट 50 फीसदी बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर किया जाएगा. यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका पहले से ही दुनिया में रक्षा बजट पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश है. इस घोषणा के बाद भारत में भी चर्चा तेज हो गई है कि हमारी सरकार रक्षा क्षेत्र पर कितना खर्च करती है. हालिया आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अमेरिका और भारत के रक्षा बजट में बड़ा अंतर है. अमेरिका का डिफेंस बजट भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा है. हालांकि भारत भी लगातार अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर रहा है. यह तुलना दोनों देशों की सैन्य क्षमता और रणनीतिक प्राथमिकताओं को समझने में मदद करती है.

कितना है अमेरिका का रक्षा बजट

वित्त वर्ष 2025 के लिए अमेरिका का रक्षा बजट करीब 850 अरब अमेरिकी डॉलर रखा गया है. यह बजट अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए प्रस्तावित किया गया है. इस राशि से सेना, नौसेना, वायुसेना और स्पेस फोर्स की जरूरतें पूरी की जाती हैं. इसमें नई तकनीक हथियार और सैनिकों पर खर्च शामिल है. अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा रक्षा खर्च करने वाला देश है.

कितना है भारत का रक्षा बजट

भारत के वित्त वर्ष 2025 26 के लिए रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है. डॉलर में देखें तो यह करीब 78 से 79 अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास बैठता है. यह बजट पिछले साल की तुलना में लगभग 9.5 फीसदी अधिक है. इसमें सेना, नौसेना, वायुसेना और पेंशन का खर्च शामिल है. भारत एशिया के बड़े रक्षा खर्च करने वाले देशों में शामिल है.

बिंदुअमेरिकाभारत
वित्त वर्ष20252025 26
कुल रक्षा बजटकरीब 850 अरब डॉलर6.81 लाख करोड रुपये
डॉलर में अनुमानित बजट850 अरब डॉलर78 से 79 अरब डॉलर
वैश्विक रैंकदुनिया में सबसे ज्यादाएशिया के शीर्ष देशों में
बजट का फोकसवैश्विक सैन्य मौजूदगी और उन्नत हथियारसीमा सुरक्षा और आधुनिकीकरण
प्रमुख खर्चफाइटर जेट मिसाइल नेवी कैरियर रिसर्चसेना नौसेना वायुसेना पेंशन
रणनीतिग्लोबल डॉमिनेंसक्षेत्रीय सुरक्षा और स्वदेशी उत्पादन

अमेरिका और भारत के बजट में बड़ा फर्क

अगर दोनों देशों की तुलना करें तो अमेरिका का रक्षा बजट भारत से करीब 10 गुना ज्यादा है. अमेरिका का फोकस वैश्विक सैन्य मौजूदगी पर रहता है. वहीं भारत का रक्षा बजट मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय खतरों पर केंद्रित है. बजट का यह अंतर दोनों देशों की भूमिका और जिम्मेदारियों को दिखाता है.

किस पर ज्यादा खर्च करता है अमेरिका

अमेरिका अपने रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा एडवांस हथियारों और रिसर्च पर खर्च करता है. इसमें फाइटर जेट, मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और नेवी कैरियर शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिकी सेना दुनिया के कई हिस्सों में तैनात रहती है. इस वजह से ऑपरेशनल खर्च भी काफी ज्यादा होता है.

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क्या हैं भारत की प्राथमिकताएं

भारत अपने रक्षा बजट का इस्तेमाल आधुनिकीकरण और स्वदेशी उत्पादन पर कर रहा है. मेक इन इंडिया के तहत घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है. सीमा पर तैनाती और सैनिकों की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है. भारत का लक्ष्य सीमित संसाधनों में प्रभावी और मजबूत रक्षा तंत्र बनाना है.