दिल्ली फिर सांस ले रही जैसे कोई स्मोकर! राजधानी की हवा ‘खराब’ कैटगरी के करीब, सर्दी से पहले बढ़ा प्रदूषण लेवल
11 अक्टूबर 2025 यानी शनिवार को सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 193 पहुंच गया, जो मॉडरेटली पॉल्यूटेड यानी मध्यम रूप से प्रदूषित कैटेगरी में आता है और ‘खराब’ कैटेगरी (201–300) के बेहद करीब है. शुक्रवार को यही AQI 129 था, जबकि गुरुवार को 91, यानी दो दिन में ही हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है.
दिल्ली की हवा सर्दी की शुरुआत के साथ फिर से बिगड़ने लगी है. पिछले दो दिनों में प्रदूषण के लेवल में खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जो आने वाले हफ्तों में और बढ़ सकती है. 11 अक्टूबर 2025 यानी शनिवार को सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 193 पहुंच गया, जो मॉडरेटली पॉल्यूटेड यानी मध्यम रूप से प्रदूषित कैटेगरी में आता है और ‘खराब’ कैटेगरी (201–300) के बेहद करीब है. शुक्रवार को यही AQI 129 था, जबकि गुरुवार को 91, यानी दो दिन में ही हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है. हालांकि दिल्ली के लिए यह कोई नई बात नहीं है. हर साल जैसे-जैसे सर्दी नजदीक आती है, हवा भारी और ठहरी हुई हो जाती है, जिससे प्रदूषण के लेवल में तेज उछाल देखा जाता है.
AQI स्केल क्या बताता है?
- एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को छह कैटेगरी में बांटा गया है, इनमें
- Good (0–50) – हवा साफ.
- Satisfactory (51–100) – हल्का प्रदूषण.
- Moderately Polluted (101–200) – सामान्य से खराब.
- Poor (201–300) – सांस लेने में दिक्कत पैदा करने वाली हवा.
- Very Poor (301–400) – स्वास्थ्य पर गंभीर असर.
- Severe (401–500) – बेहद खतरनाक स्थिति.
क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?
मौसम विभाग और एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (EWS) के मुताबिक, हाल के दिनों में घनी धुंध, ठंडी हवाएं और स्थिर वायुमंडलीय स्थितियां प्रदूषण के बढ़ने का मुख्य कारण हैं. हवा में हलचल कम होने से प्रदूषक जमीन के पास जमा हो जाते हैं, जिससे AQI तेजी से ऊपर जाता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की चेतावनी
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अप्रैल 2025 में रिपोर्ट जारी करते हुए कहा था कि हर साल करीब 70 लाख लोग वायु प्रदूषण से मरते हैं। WHO के मुताबिक, दुनिया के 10 में से 9 लोग ऐसी हवा में सांस लेते हैं जिसमें प्रदूषक स्तर सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा होता है. WHO दुनिया के कई देशों के साथ मिलकर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग और सुधार पर काम कर रहा है, लेकिन बड़े शहरों जैसे दिल्ली में स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है.
दुनिया का सबसे साफ शहर कौन?
कोई भी शहर ऐसा नहीं है जिसका AQI लगातार 0 रहता हो. हवा की क्वावालिटी हमेशा मौसम, भौगोलिक स्थिति और मानव गतिविधियों से प्रभावित होती है. हालांकि, स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख (Zürich) उन शहरों में गिना जाता है जहां हवा बेहद साफ होती है, और वहां औसतन AQI 1 से भी नीचे रहता है.
क्या AQI पालतू जानवरों को भी प्रभावित करता है?
बिलकुल हां, AQI 101 से 150 के बीच होने पर यह खासकर कुत्ते के छोटे बच्चे, बुजुर्ग कुत्तों या जिनको सांस या दिल की समस्या है, उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है. जब AQI 151 से ऊपर चला जाता है, तो हवा सभी पालतू जानवरों के लिए अस्वस्थ मानी जाती है. ऐसे में उन्हें बाहर खेलने या टहलाने का समय सीमित करना और घर के अंदर साफ हवा बनाए रखना जरूरी है.
इसे भी पढ़ें- खूब फटते थे किचन के कूकर, इस शख्स ने 35 साल पहले बना दिया सुपर सेफ, सब कहने लगे जो बीवी से करें प्यार…
Latest Stories
चूहे-कॉकरोच और गंदगी के बीच बिक रहा था खाना! FDA ने स्विगी इंस्टामार्ट समेत 10 प्लेटफार्म के लाइसेंस किए सस्पेंड
PM Modi Birthday: 1 साल में कितनी बदली भारत की इकोनॉमी? GDP से UPI तक देखें पूरा हिसाब
Coal Auction: गुरुवार से कोयला खदानों की नीलामी का 16वां दौर, 55000 करोड रुपये निवेश की उम्मीद
