अमेरिका को भारतीय टैलेंट से हुआ फायदा, निखिल कामथ के पॉडकास्ट पर बोले एलन मस्क
एलन मस्क ने निखिल कामथ के “People by WTF” पॉडकास्ट पर कहा कि अमेरिका को भारतीय टैलेंट से बेहद फायदा हुआ है, लेकिन H-1B सिस्टम के दुरुपयोग ने इमीग्रीशन बहस को जटिल बना दिया है. उन्होंने बताया कि दशकों से अमेरिका भारतीय प्रोफेशनल्स का बड़ा लाभार्थी रहा है.
Elon Musk-Nikhil Kamath podcast: टेस्ला के CEO एलन मस्क ने कहा कि अमेरिका को भारतीय टैलेंट से काफी फायदा हुआ है. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि H-1B वीजा सिस्टम के दुरुपयोग ने इमिग्रेशन संबंधी बहस को और जटिल बना दिया है. उन्होंने यह टिप्पणी निखिल कामथ के “People by WTF” पॉडकास्ट पर की, जहां दोनों ने अमेरिका में माइग्रेशन से जुड़ी बदलती कहानी पर चर्चा की.
अमेरिका रहा है सबसे बड़ा लाभार्थी
कामथ ने कहा कि दशकों से अमेरिका ने “वास्तव में बुद्धिमान लोगों” को आकर्षित किया है, जिनमें कई भारतीय मूल के प्रोफेशनल भी शामिल हैं. मस्क ने इस बात से पूरी तरह सहमति जताते हुए कहा, “अमेरिका आने वाले प्रतिभाशाली भारतीयों से अमेरिका को बहुत लाभ हुआ है.” जब कामथ ने बताया कि यह प्रवृत्ति “अब बदलती हुई प्रतीत होती है”, तो मस्क ने दोहराया, “अमेरिका भारत की टैलेंट का बहुत बड़ा लाभार्थी रहा है.”
इलीगल इमिग्रेशन के कारण बदली कहानी
कामथ ने पूछा कि अमेरिका अब अधिक एंटी-इमिग्रेशन क्यों प्रतीत होता है. यहां तक कि उन्होंने अमेरिकी इमिग्रेशन पर अपनी चिंता भी व्यक्त की. उन्होंने कहा, “मैं इमिग्रेशन से गुजर रहा था और मुझे चिंता थी कि कहीं मुझे रोक तो नहीं लिया जाएगा.” मस्क ने कहा कि यह बदलाव राजनीतिक विभाजन और हाल ही में इलीगल इमिग्रेशन में हुई बढ़ोतरी के कारण हुआ है. उन्होंने कहा, “विचारधाराएं अलग-अलग हैं. यह एकमत नहीं है.”
उन्होंने Biden प्रशासन के नजरिए की आलोचना की और कहा, “Biden प्रशासन के तहत, यह मूल रूप से पूरी तरह से मुक्त था, जिसमें कोई सीमा नियंत्रण नहीं था… आपके पास भारी मात्रा में Illegal Immigrant था.”
दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोगों को लाने की कोशिश
मस्क ने कहा कि सिस्टम में खामियां हैं: “H-1B प्रोग्राम का कुछ दुरुपयोग हुआ है… कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों ने सिस्टम के साथ खिलवाड़ किया है.” लेकिन उन्होंने अतिवादी सुधारों के खिलाफ चेतावनी दी और कहा, “मैं इस विचारधारा से सहमत नहीं हूं कि हमें H-1B प्रोग्राम बंद कर देना चाहिए. यह वास्तव में बहुत बुरा होगा.”
उन्होंने कहा कि उनकी अपनी कंपनियों में, लागत में कटौती करना उद्देश्य नहीं है, साथ ही कहा कि “हम औसत से ज्यादा वेतन देते हैं. हम बस दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोगों को लाने की कोशिश कर रहे हैं.”
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