भारत ने अमेरिका के साथ H-1B वीजा में देरी का मुद्दा उठाया, अपॉइंटमेंट शेड्यूल में देरी से लोग परेशान

इस हफ्ते की शुरुआत में एक बयान में US डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कहा कि वह अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी और नौकरी के अवसरों को बेहतर ढंग से सुरक्षित रखने के लिए H-1B वीजा को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन कर रहा है. अमेरिकी में H-1B वीजा धारकों के सबसे बड़े समूहों में से एक भारतीय नागरिक हैं.

US वीजा फीस. Image Credit: CANVA/AI

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि प्रभावित भारतीय नागरिकों से कई शिकायतें मिलने के बाद भारत ने औपचारिक रूप से अमेरिका के साथ H-1B वीजा अपॉइंटमेंट में देरी और कैंसलेशन को लेकर चिंता जताई है. मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत सरकार को ऐसे भारतीय नागरिकों से कई शिकायतें मिली हैं जिन्हें US वीजा अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने या रीशेड्यूल करने में देरी और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

हालांकि वीजा मामले जारी करने वाले देश के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन भारत ने नई दिल्ली और वाशिंगटन DC में US अधिकारियों के सामने इन चिंताओं को उठाया है.’

मुद्दे को सुलझाने की कोशिश में जुटी है सरकार

उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय तक देरी के कारण ‘प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें पढ़ाई में रुकावट भी शामिल है.’ आगे कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने और भारतीय नागरिकों पर इसके असर को कम करने के लिए US पक्ष के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है.

ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा कार्यक्रम में घोषित बड़े बदलावों के बीच यह मुद्दा और भी जरूरी हो गया है. एक बड़े बदलाव में US लंबे समय से चली आ रही रैंडम लॉटरी सिस्टम को एक नई चयन प्रक्रिया से बदलने जा रहा है जो ज्यादा कुशल और ज्यादा सैलरी वाले आवेदकों को प्राथमिकता देगी.

कब से लागू होगा नियम

इस हफ्ते की शुरुआत में एक बयान में US डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कहा कि वह अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी और नौकरी के अवसरों को बेहतर ढंग से सुरक्षित रखने के लिए H-1B वीजा को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन कर रहा है. नया नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा और FY 2027 H-1B कैप रजिस्ट्रेशन सीजन पर लागू होगा.

रैंडम सिलेक्शन प्रोसेस

कारण बताते हुए, USCIS के प्रवक्ता मैथ्यू ट्रैगेसर ने कहा, ‘H-1B रजिस्ट्रेशन की मौजूदा रैंडम सिलेक्शन प्रोसेस का अमेरिकी एम्प्लॉयर्स ने गलत फायदा उठाया और उसका दुरुपयोग किया, जो मुख्य रूप से अमेरिकी कर्मचारियों को दी जाने वाली सैलरी से कम सैलरी पर विदेशी कर्मचारियों को लाना चाहते थे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘नया वेटेड सिलेक्शन H-1B प्रोग्राम के लिए कांग्रेस के इरादे को बेहतर ढंग से पूरा करेगा और अमेरिकी एम्प्लॉयर्स को ज्यादा सैलरी वाले, ज्यादा स्किल्ड विदेशी कर्मचारियों के लिए याचिका दायर करने के लिए प्रोत्साहित करके अमेरिका की कॉम्पिटिटिवनेस को मजबूत करेगा.’

अतिरिक्त फीस

एडमिनिस्ट्रेशन ने नए H-1B वीजा आवेदनों पर USD 1,00,000 की अतिरिक्त फीस की भी घोषणा की है और 15 दिसंबर से H-1B और H-4 वीजा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया चेक सहित बेहतर स्क्रीनिंग उपायों को लागू किया है. इसके परिणामस्वरूप पूरे भारत में कई वीजा इंटरव्यू स्थगित कर दिए गए हैं, जिससे वीजा स्टैंपिंग के लिए घर आए कई प्रोफेशनल फंस गए हैं.

अमेरिकी में H-1B वीजा धारकों के सबसे बड़े समूहों में से एक भारतीय नागरिक हैं. सालाना लिमिट 65,000 वीजा पर बनी हुई है, जिसमें अतिरिक्त 20,000 उन आवेदकों के लिए आरक्षित हैं जिनके पास अमेरिका की एडवांस्ड डिग्री है.

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