ट्रेन-मेट्रो की बढ़ेगी रफ्तार, कैबिनेट ने ₹18,509 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट्स और नोएडा मेट्रो विस्तार को दी मंजूरी
कैबिनेट ने 18,509 करोड़ रुपये की लागत वाले तीन रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. साथ ही नोएडा मेट्रो के 11.56 किमी लंबे विस्तार कॉरिडोर को भी हरी झंडी दी है. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, रेल ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
देश में रेल क्षमता बढ़ाने और शहरी कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि कैबिनेट ने करीब 18,509 करोड़ रुपये की लागत वाले तीन रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. साथ ही नोएडा मेट्रो के 11.56 किमी लंबे विस्तार कॉरिडोर को भी हरी झंडी मिली है. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, रेल ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
तीन बड़े रेलवे मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
कैबिनेट कमेटी ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों में फैले तीन अहम रेल प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दी है. इन प्रोजेक्ट्स के तहत तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी, जिससे रेल नेटवर्क में लगभग 389 किमी की बढ़ोतरी होगी. सभी प्रोजेक्ट्स के 2030–31 तक पूरा होने का लक्ष्य तय किया गया है.
कसारा–मनमाड तीसरी और चौथी लाइन (महाराष्ट्र)
यह प्रोजेक्ट 131 किमी लंबा है और ठाणे व नासिक जिलों में फैला हुआ है. इसकी अनुमानित लागत 10,154 करोड़ रुपये है और निर्माण अवधि पांच साल रखी गई है. यह कॉरिडोर मुंबई–हावड़ा हाई-डेंसिटी रूट को चौगुना करने की योजना का हिस्सा है. इस रूट पर पहले से ही भारी यात्री और मालगाड़ी ट्रैफिक रहता है. नई लाइनों से जाम की स्थिति कम होने और संचालन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है.
दिल्ली–अंबाला तीसरी और चौथी लाइन
करीब 194 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5,983 करोड़ रुपये है. यह उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर दबाव कम करेगा. यह रूट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से जोड़ने में रणनीतिक भूमिका निभाता है. अतिरिक्त ट्रैक से यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों दोनों के संचालन में आसानी आएगी.
बल्लारी–होसपेटे तीसरी और चौथी लाइन (कर्नाटक)
यह 65 किमी लंबा प्रोजेक्ट 2,372 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा. यह कर्नाटक के खनिज-समृद्ध क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. इस कॉरिडोर का इस्तेमाल मुख्य रूप से आयरन ओअर, स्टील और औद्योगिक माल ढुलाई के लिए होता है. नई लाइनों से माल परिवहन में गति और दक्षता बढ़ेगी.
नोएडा मेट्रो विस्तार को भी हरी झंडी
रेल प्रोजेक्ट्स के अलावा कैबिनेट ने नोएडा मेट्रो के 11.56 किमी लंबे विस्तार कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह कॉरिडोर सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक बनेगा. प्रोजेक्ट की लागत 2,372 करोड़ रुपये तय की गई है और इसमें आठ एलिवेटेड स्टेशन जोड़े जाएंगे. इस विस्तार के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंच जाएगा.
यह नया कॉरिडोर बॉटनिकल गार्डन स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइनों से इंटरचेंज सुविधा देगा. इससे यात्रियों को प्रमुख कमर्शियल और आईटी हब्स तक बेहतर पहुंच मिलेगी. सरकार के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, इंफोसिस, एडोब और ओरेकल जैसे बड़े कैंपस, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं और रिहायशी इलाकों को सीधा फायदा होगा. साथ ही ट्रैफिक जाम कम होने और यात्रा समय घटने की उम्मीद है.
साउथ ब्लॉक से अंतिम कैबिनेट ब्रीफिंग
अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि यह ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक भवन से अंतिम कैबिनेट ब्रीफिंग थी. उन्होंने कहा कि 95 साल बाद भारतीय सरकार साउथ ब्लॉक से नई प्रशासनिक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है. कैबिनेट ने “सेवा तीर्थ” को राष्ट्र को समर्पित किया है. इस बदलाव को आधुनिक, डिजिटल और भविष्य-उन्मुख शासन प्रणाली की दिशा में प्रतीकात्मक कदम बताया गया.
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