फरवरी के तीसरे हफ्ते में मौसम ने ली करवट, UP-हरियाणा समेत कई राज्यों में गरज-चमक और ओला गिरने का अलर्ट
फरवरी के तीसरे हफ्ते में मौसम का मिजाज सामान्य से अलग बना हुआ है. पश्चिमी विक्षोभ, निम्न दबाव क्षेत्र और दूसरे मौसम प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है. ऐसे में आने वाले दिनों में भी इसी तरह की मिश्रित मौसम स्थितियां देखने को मिल सकती हैं.
KYA HAI MAUSAM KA HAL: फरवरी के तीसरे हफ्ते में मौसम लगातार करवट बदल रहा है. एक तरफ कई इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बादल और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी यह बदलाव जारी रहने की संभावना है.
गरज-चमक, तेज हवाएं और ओला गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अनुमान जताया है. कुछ स्थानों पर ओला गिरने की संभावना भी है, खासकर हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और उत्तर मध्य प्रदेश के इलाकों में.
बारिश और बर्फबारी की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं की गतिविधि देखी जा सकती है. मौसम का यह पैटर्न फरवरी के सामान्य ट्रेंड से अलग नजर आ रहा है.
तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जगह पारा सामान्य से ऊपर
पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में भी खासा अंतर देखा गया है. जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया, जबकि पंजाब, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान 7 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. वहीं देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया. मैदानी इलाकों की बात करें तो भारत में सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस बांदा में दर्ज किया गया. वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस कोच्चि में रिकॉर्ड किया गया. कई राज्यों में अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जो सामान्य से ज्यादा है.
पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में पहले गिरावट और उसके बाद धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है, जबकि उसके बाद 2 से 4 डिग्री की बढ़त संभव है.
लो प्रेशर एरिया और दूसरे मौसम प्रणालियों का प्रभाव
भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र अब भी एक्टिव है. यह सिस्टम अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए श्रीलंका की ओर बढ़ सकता है. इसके साथ ही राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपर भी ऊपरी हवा में साइक्लोन सर्कुलेशन एक्टिव है, जो मौसम को प्रभावित कर रहा है.
क्या है दिल्ली-NCR का हाल ?
दिल्ली-एनसीआर में 18 फरवरी को आमतौर पर बादल छाए रहने और अलग-अलग स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है. इसके बाद आसमान साफ रहने और सुबह के समय हल्की धुंध या धुंधलके की स्थिति बन सकती है. अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ने का अनुमान है. वहीं 19 फरवरी को दिल्ली में तापमान 29 डिग्री तक पहुंच सकता है.
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