रैंकिंग में टॉप, मैदान पर ढेर! जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 23 रन का झटका, ये बने असली हीरो
टी20 विश्व कप में जिम्बाब्वे ने बड़ा उलटफेर करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हरा दिया. कोलंबो के धीमे विकेट पर जिम्बाब्वे ने 169/2 का मजबूत स्कोर खड़ा किया. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई. ब्लेसिंग मुजाराबानी और ब्रैड इवांस की तेज गेंदबाजी ने मैच का रुख पलट दिया. यह जीत टूर्नामेंट का सबसे बड़ा झटका बन गई.
T20 World Cup: क्रिकेट में रैंकिंग अक्सर टीमों की ताकत दिखाती है, लेकिन मैच का फैसला हमेशा मैदान पर होता है. दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिने जाने वाले ऑस्ट्रेलिया को जिम्बाब्वे ने कोलंबो के धीमे विकेट पर ऐसी टक्कर दी कि नतीजे ने सबको चौंका दिया. टी20 विश्व कप के पहले हफ्ते के आखिरी में जिम्बाब्वे ने 23 रन से जीत दर्ज कर साफ कर दिया कि इस टूर्नामेंट में उलटफेर सिर्फ संभावना नहीं, हकीकत भी है.
रैंकिंग बनाम रियलिटी
कागज पर तस्वीर पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में दिखती है. साल 2026 की आईसीसी रैंकिंग पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया ज्यादातर फॉर्मेट में दूसरे या तीसरे नंबर पर है. मेंस टेस्ट टीम रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया पहले नंबर पर, जबकि जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर है. मेंस वनडे टीम रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया तीसरे नंबर पर और मेंस टी20 टीम रैंकिंग में दूसरे नंबर पर है. मेंस टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में भी ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा. आंकड़े ऑस्ट्रेलिया की मजबूती की गवाही देते हैं, लेकिन कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी पिच पर कहानी बिल्कुल अलग लिखी गई.
कोलंबो में खेले गए मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169/2 का कंपटेटिव स्कोर खड़ा किया और फिर अपने तेज गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया को लक्ष्य से दूर रोक दिया. टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में यह नतीजा सबसे बड़े झटकों में से एक बन गया.
जिम्बाब्वे की समझदारी भरी बल्लेबाजी
धीमी सतह पर रन बनाना आसान नहीं था, इसलिए जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने परिस्थिति के अनुसार संयमित शुरुआत की. शुरुआती ओवरों में विकेट बचाने पर जोर दिया गया, जिसके बाद तादिवानाशे मारुमानी ने तीसरे से छठे ओवर के बीच रन गति बढ़ाई. पावरप्ले में टीम ने 47 रन जोड़े, जो इस पिच पर बेहद अहम साबित हुए. मारुमानी के आउट होने के बाद ब्रायन बेनेट ने पारी को संभाला. उन्होंने 56 गेंदों में नाबाद 64 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. मध्य ओवरों में बेनेट और रयान बर्ल ने जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए समझदारी से रन जोड़े. इन ओवरों में 82 रन बने, जिससे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बना रहा. अंत में सिकंदर रजा की तेज बल्लेबाजी ने स्कोर को 169/2 तक पहुंचा दिया.
तेज गेंदबाजों ने तोड़ी ऑस्ट्रेलिया की कमर
170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही. जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुज़ाराबानी और ब्रैड इवांस ने नई गेंद से शानदार प्रदर्शन किया. मुज़ाराबानी की उछाल और गति से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज असहज दिखे. दोनों गेंदबाजों ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया को 29/4 के मुश्किल स्कोर पर ला खड़ा किया. जोश इंग्लिश और टिम डेविड बाउंसर का शिकार बने, जबकि कैमरून ग्रीन और ट्रैविस हेड भी जल्दी पवेलियन लौट गए. इसके बाद ग्लेन मैक्सवेल से उम्मीदें थीं, लेकिन वह 32 रन बनाकर आउट हो गए. मैट रेनशॉ ने 44 गेंदों में 65 रन की संयमित पारी खेली पर बढ़ते दबाव के बीच वह भी कैच आउट हो गए. पूरी टीम लक्ष्य से 23 रन दूर रह गई.
ब्लेसिंग मुजाराबानी बने जीत के हीरो
करीब छह फुट पांच इंच लंबे ब्लेसिंग मुजाराबानी ने अपनी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से मैच का रुख पलट दिया. उनके साथ ब्रैड इवांस की सधी हुई गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया को उबरने का मौका नहीं दिया. जिम्बाब्वे की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम 2022 वर्जन से बाहर रहने के बाद इस बार वापसी कर रही है और सुपर-8 में जगह बनाने की मजबूत दावेदारी पेश कर रही है. ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार बड़ा झटका है, खासकर तब जब अगला मुकाबला स्पिन आक्रमण से भरपूर श्रीलंका के खिलाफ होना है. वहीं जिम्बाब्वे ने यह साबित कर दिया है कि वह इस टूर्नामेंट में किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखता है.
इसे भी पढ़ें- DGCA ने एयर इंडिया पर ठोका 1 करोड़ का जुर्माना, बिना एयरवर्दीनेस परमिट के ही 8 बार उड़ा दी प्लेन
