परिपूर्ण मेडिक्लेम: वित्त मंत्रालय ने CGHS लाभार्थियों के लिए लॉन्च किया हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, 20 लाख तक के सम इंश्योर्ड का ऑप्शन
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस प्रोडक्ट में एक को-पेमेंट कॉम्पोनेंट होगा, जिससे लाभार्थियों को इंश्योरेंस कंपनी और सब्सक्राइबर के बीच 70:30 या 50:50 को-शेयरिंग चुनने का ऑप्शन मिलेगा. भी CGHS लाभार्थियों को आसानी और भरोसे के साथ अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा मिलेगी.
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के बेनिफिशियरी के लिए परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा लॉन्च किया. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह ऑप्शनल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान सभी CGHS बेनिफिशियरी के लिए रिटेल प्रोडक्ट के तौर पर उपलब्ध होगा. यह पॉलिसी भारत में इंडेम्निटी-बेस्ड इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज देती है, जिसमें 10 लाख रुपये लाख या 20 लाख रुपये के सम इंश्योर्ड ऑप्शन हैं.
इंडेम्निटी-बेस्ड इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज
इंडेम्निटी-बेस्ड इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज एक तरह का हेल्थ इंश्योरेंस कवर होता है, जिसमें अस्पताल में भर्ती होने पर हुए वास्तविक खर्च (Actual Expenses) की भरपाई की जाती है. मान लीजिए कि अगर आप किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होते हैं और इलाज पर जितना खर्च होता है, बीमा कंपनी उतनी ही राशि (पॉलिसी की सीमा तक) आपको देती है.
अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा
बयान में कहा गया कि मौजूदा फायदों को पूरा करने के लिए डिजाइन की गई यह बेहतर पॉलिसी, ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और पूरे भारत में क्वालिटी हेल्थकेयर सेवाओं तक ज्यादा पहुंच के साथ एक सहज अनुभव प्रदान करेगी, जिससे सभी CGHS लाभार्थियों को आसानी और भरोसे के साथ अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा मिलेगी.
को-पेमेंट कॉम्पोनेंट
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस प्रोडक्ट में एक को-पेमेंट कॉम्पोनेंट होगा, जिससे लाभार्थियों को इंश्योरेंस कंपनी और सब्सक्राइबर के बीच 70:30 या 50:50 को-शेयरिंग चुनने का ऑप्शन मिलेगा. मंत्रालय ने यह भी बताया कि रेगुलर पॉलिसी की तुलना में यह 70:30 और 50:50 प्रीमियम को-शेयरिंग के लिए क्रमशः 28 फीसदी और 42 फीसदी के डिस्काउंट पर उपलब्ध होगा.
क्यूमुलेटिव बोनस की सुविधा
सरकारी कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाओं में यह शामिल है कि कमरे का किराया सामान्य कमरे और ICU के लिए प्रति दिन बीमा राशि का क्रमशः 1 फीसदी और 2 फीसदी तक सीमित है. बयान में बताया गया है कि हर क्लेम-फ्री साल के लिए 10 फीसदी का क्यूमुलेटिव बोनस, जो बीमा राशि के अधिकतम 100 फीसदी तक हो सकता है और अस्पताल में भर्ती होने से पहले 30 दिनों और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 60 दिनों का कवरेज उपलब्ध है.
कम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज
वित्तीय सेवा विभाग ने पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) के साथ मिलकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक कम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज भी लॉन्च किया है. एक बयान में बताया गया है कि यह यूनिफाइड सैलरी अकाउंट फ्रेमवर्क केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए इंटीग्रेटेड बैंकिंग और बीमा लाभों के साथ एक वन-स्टॉप फाइनेंशियल सॉल्यूशन प्रदान करता है.
इसमें कहा गया है कि यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को, जो पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की रीढ़ हैं, एक सिंगल-विंडो सॉल्यूशन के जरिए मॉडर्न बैंकिंग सेवाओं और पूरी फाइनेंशियल सुरक्षा मिल सके.
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