एंट्री से पहले ही डरा रहा इस AI कंपनी के IPO का GMP, डिस्काउंट पर लिस्टिंग की आशंका, सब्सक्रिप्शन था बेहतर
फ्रैक्टल एनालिटिक्स आईपीओ 2.66 गुना सब्सक्राइब हुआ और क्यूआईबी निवेशकों ने जोरदार भागीदारी दिखाई. इसके बावजूद जीएमपी माइनस पर पहुंच गया, जिससे डिस्काउंट लिस्टिंग की आशंका बढ़ गई है. ऐसे में निवेशकों को लिस्टिंग से पहले ही डर सताने लगा है.
Fractal Analytics IPO: डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स Fractal Analytics IPO को निवेशकों ने सब्सक्रिप्शन के दौरान अच्छा रिस्पांस दिया था. 16 से 18 फरवरी तक खुले इस आईपीओ को आखिरी दिन तक कुल 2.66 गुना सब्सक्राइब किया गया. शेयरों का अलॉटमेंट 12 फरवरी को फाइनल हो गया. 16 फरवरी को इसकी लिस्टिंग होनी है. मगर इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP अभी से निवेशकों को डरा रहा है. अगर आपने भी इसमें दांव लगा रखा है तो जान लें ये क्या संकेत दे रहा है.
कितनी मिली बोलियां?
एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक 2,834 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के लिए 1.85 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.94 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं. यानी निवेशकों ने ऑफर साइज से ढाई गुना ज्यादा दांव लगाया.
रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.03 गुना सब्सक्राइब हुआ जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का कोटा 1.06 गुना भरा.
सबसे ज्यादा भरोसा QIB यानी बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाया और उनका हिस्सा 4.18 गुना सब्सक्राइब हुआ.
एंकर निवेशकों से जुटाई रकम
आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ही 1,248.26 करोड़ रुपये जुटा लिए थे . शेयर का प्राइस बैंड 857 से 900 रुपये रखा गया है जिससे कंपनी का वैल्यूएशन करीब 15,500 करोड़ रुपये आंका गया है . कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी फ्रैक्टल यूएसए का कर्ज चुकाने, नए ऑफिस खोलने, लैपटॉप खरीदने, रिसर्च एंड डेवलपमेंट बढ़ाने, सेल्स और मार्केटिंग मजबूत करने, अधिग्रहण और अन्य रणनीतिक पहलों पर करेगी .
GMP हुआ बेदम
इंवेस्टरगेन के मुताबिक Fractal Analytics IPO का GMP 13 फरवरी की दोपहर 12:56 बजे तक -10 रुपये दिखा रहा है. जबकि आईपीओ का प्राइस बैंड 900 रुपये है. ऐसे में ये 10 फीसदी डिस्काउंट के साथ 890 रुपये पर लिस्ट होने की आशंका है. इसके जीएमपी में लगातार गिरावट बनी हुई है.
कंपनी का कामकाज
साल 2000 में श्रीकांत वेलामकन्नी और प्रणय अग्रवाल की ओर से स्थापित फ्रैक्टल बड़े ग्लोबल एंटरप्राइजेज को डेटा आधारित इनसाइट्स और एंड टू एंड एआई सॉल्यूशंस मुहैया कराती है . कंपनी रिटेल, टेक्नोलॉजी, मीडिया, हेल्थकेयर और बैंकिंग जैसे कई सेक्टर्स में अपनी पकड़ रखती है.
डिसक्लेमर: इस खबर में GMP से संबंधित जानकारी दी गई है. मनी9लाइव का GMP तय करने से कोई संबंध नहीं है. मनी9लाइव निवेशकों को यह भी सचेत करता है कि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें. निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल जरूर देखें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
