SEBI ने IPO के साइज में 50% तक बदलाव की दी अनुमति, बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच छह महीने की राहत
इसके तहत, जो कंपनियां 30 सितंबर 2026 से पहले अपने पब्लिक इश्यू खोल रही हैं, वे बिना किसी नई रेगुलेटरी फाइलिंग के अपने इश्यू के साइज में 50 फीसदी तक का बदलाव कर सकती हैं. मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी नए इश्यू का साइज 20 फीसदी से ज्यादा बदल जाता है, तो कंपनी को नए ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट जमा करना जरूरी होता है.

बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच, भारत के पब्लिक मार्केट में लिस्टिंग की तैयारी कर रही कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए, सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने एक छह महीने की विंडो खोली है. इसके तहत, जो कंपनियां 30 सितंबर 2026 से पहले अपने पब्लिक इश्यू खोल रही हैं, वे बिना किसी नई रेगुलेटरी फाइलिंग के अपने इश्यू के साइज में 50 फीसदी तक का बदलाव कर सकती हैं.
साइज बढ़ाने या घटाने की अनुमति
मिंट के अनुसार, बाजार रेगुलेटर ने 13 अप्रैल को इंडस्ट्री बॉडी ‘एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया’ (Aibi) को भेजे एक ईमेल में कहा, Sebi ने यह फैसला किया है कि इश्यू जारी करने वाली कंपनी को, हर मामले के आधार पर, अनुमानित इश्यू साइज के 50% तक इश्यू साइज बढ़ाने या घटाने की अनुमति दी जाएगी. इसके लिए उन्हें बोर्ड के पास कोई नया ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं होगी.’
शर्तों के साथ छूट
इस छूट के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं. इश्यू का मुख्य उद्देश्य अपरिवर्तित रहना चाहिए और लीड मैनेजरों को SEBI के नियमों के पालन का प्रमाण देना होगा. इश्यू जारी करने वालों को इश्यू के साइज में 50 फीसदी तक के बदलाव के लिए उचित कारण बताते हुए SEBI से मंजूरी लेना भी जरूरी है.
मौजूदा नियम
सेबी के मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी नए इश्यू का साइज 20 फीसदी से ज्यादा बदल जाता है, तो कंपनी को नए ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट जमा करना जरूरी होता है. ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के मामले में यह सीमा 50% हो जाती है. ये बदलाव तब आए जब सेबी ने कहा कि उसे Aibi से कुछ सुझाव मिले हैं.
Aibi को भेजे गए ईमेल में कहा गया, ‘सेबी को इंडस्ट्री बॉडी से इस बारे में सुझाव मिले हैं कि वेस्ट एशिया में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव के चलते, इश्यू करने वालों को संसाधन जुटाने और कैपिटल मार्केट तक पहुंचने में किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
19 मेनबोर्ड आईपीओ
रिसर्च प्लेटफॉर्म Chittorgarh के अनुसार, 2026 में अब तक 19 कंपनियों ने मेनबोर्ड IPO के जरिए शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की है, जबकि 44 कंपनियां छोटे और मध्यम उद्यम (SME) IPO के जरिए पब्लिक हुई हैं.