म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नई सुविधा, अब अपने निवेश पर लगा सकेंगे ‘डेबिट फ्रीज’
SEBI की नई सुविधा के तहत निवेशक अपने म्यूचुअल फंड फोलियो पर डेबिट फ्रीज लगा सकते हैं. इसका मतलब यह है कि जब फ्रीज एक्टिव होगा तब कोई भी यूनिट रिडीम, स्विच या ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी. यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होगी. यानी निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार इसे चालू या बंद कर सकते हैं.
Mutual fund Debit freeze: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और काम की खबर आई है. अब निवेशक अपने म्यूचुअल फंड निवेश को और ज्यादा सुरक्षित बना सकेंगे. बाजार नियामक सेबी ने एक नई सुविधा शुरू की है, जिसे ‘डेबिट फ्रीज’ या लॉक फीचर कहा जा रहा है. इस सुविधा के जरिए निवेशक चाहें तो अपने म्यूचुअल फंड फोलियो को अस्थायी रूप से लॉक कर सकते हैं. जब यह लॉक सक्रिय रहेगा तब उस फोलियो से कोई पैसा नहीं निकाला जा सकेगा और न ही यूनिट्स को रिडीम या ट्रांसफर किया जा सकेगा.
क्या है डेबिट फ्रीज सुविधा
SEBI की नई सुविधा के तहत निवेशक अपने म्यूचुअल फंड फोलियो पर डेबिट फ्रीज लगा सकते हैं. इसका मतलब यह है कि जब फ्रीज एक्टिव होगा तब कोई भी यूनिट रिडीम, स्विच या ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी. यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होगी. यानी निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार इसे चालू या बंद कर सकते हैं.
डिमैट और नॉन-डिमैट दोनों पर लागू
यह सुविधा डिमैट और नॉन-डिमैट दोनों तरह के म्यूचुअल फंड निवेश पर लागू होगी. यानी चाहे आपका निवेश डिमैट अकाउंट में हो या सीधे एसेट मैनेजमेंट कंपनी के पास, दोनों पर यह सुविधा काम करेगी. शुरुआत में यह सुविधा MF Central प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध होगी. यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां निवेशक अलग-अलग फंड हाउस के म्यूचुअल फंड को एक ही जगह से मैनेज कर सकते हैं. रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट इस प्लेटफॉर्म के जरिए लॉक और अनलॉक की सुविधा उपलब्ध कराएंगे.
जरूरी शर्तें
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. निवेशक का फोलियो KYC के अनुसार अपडेट होना चाहिए.
इसके अलावा फोलियो में सही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक होना जरूरी है. इन्हीं के जरिए लॉक और अनलॉक की प्रक्रिया की पुष्टि होगी. म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की संस्था AMFI इस सुविधा से जुड़े नियम तय करेगी. यह भी तय किया जाएगा कि फ्रीज के दौरान कौन-कौन से लेनदेन की अनुमति होगी और कौन से नहीं.
कब से लागू होगी सुविधा
सेबी के नए नियम 30 अप्रैल से लागू होंगे. इसके बाद निवेशक इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे. पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड निवेश तेजी से डिजिटल हुआ है. निवेशक अब ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश कर रहे हैं. इससे सुविधा तो बढ़ी है लेकिन साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है. ऐसे में यह नई सुविधा निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद करेगी.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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