क्‍या हैं म्‍यूचुअल फंडों के डायरेक्‍ट और रेगुलर प्‍लान? किसमें निवेश करना है फायदे का सौदा

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको फंडों से जुड़े डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान के बारे में जानकारी होना जरूरी है. आइए हम आपको बताते हैं कि रेगुलर और डायेक्ट प्लान क्या है. किसमें निवेश करने से आप फायदे में रहेंगे.

म्यूचुअल फंड में निवेश Image Credit: GettyImages

किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने के दो तरीके होते हैं. एक है डायरेक्ट प्लान और दूसरा है रेगुलर प्लान. म्यूचुअल फंड में अगर आपको निवेश करना है तो इन दोनों प्लान की बारीकियों को समझना जरूरी है. वरना आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. आइए हम आपको बताते हैं कि रेगुलर और डायेक्ट प्लान क्या है और दोनों में क्या फर्क है. किस प्लान में निवेश करना आपके लिए फायदे का सौदा होगा.

डायरेक्ट प्लान

म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान में निवेश करने का मतलब है कि आप सीधे फंड हाउस के जरिए. उस फंड में निवेश करें. किसी भी ब्रोकर या एजेंट की मदद न लें. इस प्लान के तहत निवेश करने में आपको कमीशन भी नहीं देना होगा.

रेगुलर प्लान

रेगुलर प्लान उन लोगों के लिए है. जिन्हें मार्केट और म्यूचु्अल फंड की ज्यादा समझ नहीं है. रेगुलर प्लान में निवेशकों को एजेंट ये बताते हैं कि किस फंड में निवेश करना है. कितना करना है. इसके लिए निवशकों को कमीशन देना पड़ता है.

डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में अंतर

1. नेट एसेट वैल्यू

डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में एक्सपेंस का फर्क होता है. रेगुलर प्लान में एक्सपेंस रेशियो ज्यादा होता है. क्योंकि इसमें एजेंट के कमीशन को भी शामिल किया जाता है.

2. रिटर्न

डायरेक्ट प्लान में एक्सपेंस रेशियो कम होने के कारण डायरेक्ट प्लान पर ज्यादा रिटर्न मिल जाता है. वहीं, रेगुलर प्लान में एक्सपेंस रेशियो ज्यादा होने की वजह से डायरेक्ट प्लान की तुलना में कम रिटर्न मिलता है.

3. रिस्क

डायरेक्ट प्लान में निवेशकों को खुद ही रिसर्च करनी पड़ती है. कई बार जानकारी के अभाव में गलत जगह पैसा लगा देते हैं. वहीं, रेगुलर प्लान में एजेंट पूरी रिसर्चल करके आपके निवेश करने की सलाह देते हैं. इससे रेगुलर प्लान में डायरेक्ट प्लान की तुलना में कम रिस्क होता है.

4. फाइनेंशियल एक्सपर्ट की भूमिका

डायरेक्ट प्लान के जरिए निवेश करने के लिए आपको किसी भी फाइनेंशियल एक्सपर्ट की जरूरत नहीं होती हैं. वहीं, रेगुलर प्लान में फाइनेंशियल एक्सपर्ट ही आपको निवेश की सलाह देते हैं.