महंगाई की मार के बीच केंद्रीय कर्मचारियों को राहत की उम्मीद, 8वें वेतन आयोग से 50% DA बेसिक में मर्ज करने की मांग

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई के बीच राहत की मांग तेज हो गई है. डाक कर्मचारियों के संगठन FNPO ने 8वें वेतन आयोग से 50 फीसदी महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी में मर्ज करने की सिफारिश की है. संगठन का कहना है कि यह कदम अंतिम वेतन आयोग रिपोर्ट से पहले जरूरी अंतरिम राहत बन सकता है.

सैलरा. Image Credit: Getty image

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब पर लगातार बढ़ती महंगाई का दबाव साफ दिखाई देने लगा है. खाने-पीने से लेकर घर का किराया, इलाज, पढ़ाई और सफर, हर जरूरी खर्च पहले से कहीं महंगा हो चुका है. इसी पृष्ठभूमि में फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के सामने एक अहम मांग रखी है. संगठन ने आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज करने की मांग की है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स को तत्काल राहत मिल सके.

8वें वेतन आयोग को भेजा गया पत्र

FNPO के सचिव जनरल शिवाजी वासिरेड्डी ने 27 फरवरी 2025 को लिखे पत्र में कहा है कि लगातार महंगाई के कारण कर्मचारियों की वास्तविक आय घट रही है. उन्होंने आग्रह किया कि 1 जनवरी 2026 से 50% DA को बेसिक पे/पेंशन में मर्ज किया जाए, ताकि लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की खरीद क्षमता कुछ हद तक बहाल हो सके. संगठन के मुताबिक यह कदम अंतरिम राहत के तौर पर बेहद जरूरी है.

क्यों बढ़ी DA मर्ज करने की मांग

सरकार महंगाई के असर को कम करने के लिए DA देती है, लेकिन बीते वर्षों में DA तेजी से बढ़ा है. वासिरेड्डी के अनुसार, DA का ऊंचे स्तर तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि मौजूदा बेसिक सैलरी अब वास्तविक जीवन-यापन लागत को नहीं दर्शाती. खाद्य पदार्थ, ईंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसे खर्चों में लगातार बढ़ोतरी ने कर्मचारियों की कमर तोड़ दी है.

FNPO ने अपने पत्र में यह भी याद दिलाया है कि पिछले वेतन आयोगों के दौरान जब DA 50% के पार गया, तो उसे बेसिक पे में मर्ज किया गया. इससे न सिर्फ महंगाई के असर को संतुलित किया गया, बल्कि भविष्य में DA की गणना भी अधिक वास्तविक आधार पर हुई. संगठन का कहना है कि अब हालात फिर उसी मोड़ पर खड़े हैं.

भत्तों और रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर असर

DA को बेसिक में मर्ज न करने का सीधा नुकसान अन्य भत्तों और रिटायरमेंट लाभों पर पड़ता है, क्योंकि ये सभी बेसिक पे से जुड़े होते हैं. 50% DA मर्ज होने से:

  • हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्तों में बढ़ोतरी होगी
  • पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभ बेहतर होंगे
  • कर्मचारियों और पेंशनर्स को दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता मिलेगी

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अंतरिम राहत की जरूरत क्यों

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने और लागू होने में अभी समय लग सकता है. इस दौरान महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है. FNPO का कहना है कि ऐसे में 50% DA का बेसिक में मर्ज होना एक जरूरी अंतरिम राहत हो सकता है, जिसे बाद में 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों के अनुसार समायोजित किया जा सकता है.

संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि मध्यम वर्गीय वेतनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनकी आय बढ़ोतरी महंगाई की रफ्तार से मेल नहीं खा पा रही. इसी वजह से FNPO ने सरकार से उम्मीद जताई है कि वह इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और कर्मचारियों-पेंशनर्स को राहत देगी.