HRA क्लेम में अब रिश्ते का खुलासा जरूरी, माता-पिता या भाई-बहन को किराया देने वाले नहीं उठा पाएंगे फायदा; कभी न करें ये गलती

1 अप्रैल 2026 से नया फॉर्म लागू होगा, जिसमें पहले से ज्यादा जानकारी देनी होगी. खास बात यह है कि अब अगर आप किसी रिश्तेदार को किराया देकर HRA क्लेम करते हैं, तो आपको उस रिश्ते की पूरी जानकारी देनी होगी. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके जहां लोग बिना असली किराए के भी टैक्स बचाने की कोशिश करते हैं.

एचआरए क्लेम Image Credit: @Money9live

HRA: सरकार ने HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस के नियमों में बदलाव किया है, जिससे अब फर्जी दावों पर लगाम लगाई जा सकेगी. 1 अप्रैल 2026 से नया फॉर्म लागू होगा, जिसमें पहले से ज्यादा जानकारी देनी होगी. खास बात यह है कि अब अगर आप किसी रिश्तेदार को किराया देकर HRA क्लेम करते हैं, तो आपको उस रिश्ते की पूरी जानकारी देनी होगी. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके जहां लोग बिना असली किराए के भी टैक्स बचाने की कोशिश करते हैं. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि सही और असली किराए के मामलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

नया नियम क्या है

अब पुराना Form 12BB हटाकर नया Form 124 लागू किया गया है. इस फॉर्म को कर्मचारियों को अपने ऑफिस में जमा करना होगा ताकि TDS सही तरीके से कट सके. अब HRA क्लेम करते समय आपको यह बताना होगा कि मकान मालिक आपका रिश्तेदार है या नहीं. अगर रिश्तेदार है तो कौन सा रिश्ता है, जैसे माता-पिता, पति-पत्नी या भाई-बहन.

सरकार ने क्यों किया बदलाव

सरकार का मानना है कि कई लोग परिवार के नाम पर फर्जी किराया दिखाकर टैक्स बचाते हैं. इस नए नियम से ऐसे मामलों की जांच करना आसान होगा.अगर आप सच में किराया देते हैं, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. बस किराया बैंक के जरिए देना होगा और रेंट एग्रीमेंट व रसीद होनी चाहिए. साथ ही मकान मालिक को अपनी आय टैक्स रिटर्न में दिखानी होगी.

किन्हें मिलेगा फायदा

अगर आप अपने माता-पिता को किराया देते हैं और उनकी आय कम है, तो भी उन्हें ITR फाइल करना चाहिए. इससे आपका HRA क्लेम और मजबूत हो जाएगा. HRA का फायदा सिर्फ पुराने टैक्स सिस्टम में ही मिलता है. नई टैक्स व्यवस्था में यह सुविधा नहीं है.

कैसे होता है HRA का हिसाब

  • HRA छूट तीन चीजों में से सबसे कम राशि पर मिलती है.
  • कंपनी से मिला HRA
  • सैलरी का 50% (मेट्रो शहर में)
  • दिया गया किराया माइनस सैलरी का 10%

सरकार ने HRA नियमों को और सख्त किया है. इससे फर्जी दावों पर रोक लगेगी और सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा. ईमानदारी से किराया देने वालों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

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