रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, इन व्यस्त रूट पर बिछेंगी नई लाइनें, सफर होगा तेज और आसान

रेलवे देश के सबसे व्यस्त हाई डेंसिटी नेटवर्क कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ाने के लिए 5वीं और 6वीं लाइन बिछाने की योजना बना रहा है. यह विस्तार दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा और मुंबई-चेन्नई जैसे प्रमुख रूट पर होगा. वर्तमान में 11051 किमी नेटवर्क पर 41% रेल ट्रैफिक चलता है और कई रूट 100–150% क्षमता से अधिक यूज में हैं.

यह विस्तार दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा और मुंबई-चेन्नई जैसे प्रमुख रूट पर होगा.

Indian Railways: भारतीय रेलवे अपने सबसे व्यस्त रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए बड़ा विस्तार प्लान तैयार कर रहा है. रेलवे मंत्रालय ने हाई डेंसिटी नेटवर्क कॉरिडोर पर 5वीं और 6वीं लाइन बिछाने की तैयारी शुरू कर दी है. ये कॉरिडोर दिल्ली, हावडा, मुंबई और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों को जोड़ते हैं. इसका मकसद इन रूट पर ज्यादा पैसेंजर और मालगाडी ट्रेनों को चलाना है. रेलवे का मानना है कि आने वाले समय में ट्रैफिक और बढ़ेगा, इसलिए अभी से क्षमता बढ़ाना जरूरी है. इससे यात्रा आसान होगी और माल परिवहन भी तेज होगा.

हाई डेंसिटी नेटवर्क रेलवे की रीढ़

हाई डेंसिटी नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 11051 किलोमीटर है. यह रेलवे के कुल नेटवर्क का सिर्फ 16 फीसदी हिस्सा है, लेकिन इस पर 41 फीसदी रेल ट्रैफिक चलता है. इससे साफ है कि यही रूट रेलवे के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं. इन रूट पर ट्रेनों की संख्या बहुत ज्यादा है, जिससे क्षमता पर दबाव बना रहता है. रेलवे अब इन कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाकर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संभालना चाहता है. इससे देरी कम होगी और ऑपरेशन अधिक सुचारु बनेगा.

60 फीसदी से ज्यादा रूट यूज

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे के अनुसार करीब 8400 किलोमीटर नेटवर्क अपनी तय क्षमता से 100 से 150 फीसदी तक अधिक यूज में है. इसका मतलब है कि इन रूट पर ट्रेनों का दबाव बहुत ज्यादा है. यही कारण है कि नई लाइन बिछाने की जरूरत महसूस हो रही है. नई लाइन बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति कम होगी. इससे मालगाडी और पैसेंजर दोनों को फायदा मिलेगा. भविष्य की मांग को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

7 प्रमुख कॉरिडोर पर होगा विस्तार

रेलवे ने 7 प्रमुख कॉरिडोर की पहचान की है. इनमें दिल्ली हावड़ा, हावड़ा मुंबई, दिल्ली मुंबई, दिल्ली गुवाहाटी, दिल्ली चेन्नई, हावड़ा चेन्नई और मुंबई चेन्नई शामिल हैं. ये देश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त रूट हैं. रेलवे बोर्ड ने सभी जोन से इन रूट पर मल्टी ट्रैकिंग और नई लाइन के लिए प्रस्ताव मांगे हैं. जोन को ट्रैफिक और भविष्य की जरूरत के आधार पर योजना तैयार करने को कहा गया है. इससे नेटवर्क को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.

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ट्रैफिक स्टडी के बाद होगा अंतिम फैसला

रेलवे अधिकारियों के अनुसार 5वीं और 6वीं लाइन बिछाने का फैसला ट्रैफिक स्टडी के आधार पर लिया जाएगा. इसमें भविष्य के ट्रैफिक, आर्थिक महत्व और नए क्षेत्रों को जोड़ने की जरूरत को ध्यान में रखा जाएगा. रेलवे इस योजना से नेटवर्क की क्षमता को कई गुना बढ़ाना चाहता है. इससे देश में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. यह योजना रेलवे के भविष्य के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगी.