शेयर बाजार की नई ‘सुपरपावर’ AI… Nvidia-Microsoft-Google ने बदला गेम, निवेशकों के लिए मौका या खतरा
AI इस समय वॉल स्ट्रीट की सबसे मजबूत ग्रोथ स्टोरी बनी हुई है. बीते कुछ महीनों में Nvidia जैसी कंपनियों ने जबरदस्त उछाल देखा है. Nvidia का मार्केट कैप लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. यह कंपनी अब दुनिया की सबसे कीमती कंपनी बन चुकी है.
AI Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी की चर्चा नहीं रह गई है. यह दुनिया के सबसे बड़े निवेश और शेयर बाजार की सबसे बड़ी कहानी बन चुकी है. जिस तरह बिजली ने एक दौर में पूरी अर्थव्यवस्था को बदल दिया था. उसी तरह AI आज हर सेक्टर को बदल रहा है. चिप बनाने वाली कंपनियों से लेकर सॉफ्टवेयर, क्लाउड और डेटा तक, हर जगह AI की मांग तेजी से बढ़ रही है.
इसी वजह से AI से जुड़ी कंपनियों के शेयर आसमान छू रहे हैं. निवेशकों की नजर अब सिर्फ मुनाफे पर नहीं, बल्कि इस बात पर है कि कौन सी कंपनी AI की रेस में सबसे आगे निकलेगी. लेकिन जहां एक तरफ भारी कमाई की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ जोखिम भी बढ़ रहा है. AI अब मौका भी है और चेतावनी भी.
दुनिया की सबसे कीमती संपत्ति बनते AI स्टॉक्स
AI इस समय वॉल स्ट्रीट की सबसे मजबूत ग्रोथ स्टोरी बनी हुई है. बीते कुछ महीनों में Nvidia जैसी कंपनियों ने जबरदस्त उछाल देखा है. Nvidia का मार्केट कैप लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. यह कंपनी अब दुनिया की सबसे कीमती कंपनी बन चुकी है. सोने के बाद Nvidia को दुनिया की सबसे Valuable asset माना जा रहा है. सोने की कुल वैल्यू लगभग 28 ट्रिलियन डॉलर है.
AI से जुड़ी कंपनियों के शेयर बढ़ने के साथ निवेशकों में उत्साह भी है और डर भी. कई कंपनियां अब अपने AI प्रोडक्ट और भविष्य की योजनाओं को जोर-शोर से पेश कर रही हैं. Apple, Microsoft और Google की पैरेंट कंपनी Alphabet भी इस रेस में Nvidia के साथ खड़ी हैं. इन तीनों कंपनियों का कुल मार्केट कैप 11.33 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुका है.
अमेरिका और चीन की AI पर बड़ी दांवबाजी
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका और चीन AI में भारी निवेश कर रही हैं. हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में भी AI पर फोकस साफ नजर आया. दोनों देश AI को भविष्य की ताकत मान रहे हैं. AI सेक्टर में तेजी से पैसा आ रहा है और टेक्नोलॉजी हर दिन बदल रही है. Nvidia के शेयर पिछले छह महीनों में 100 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुके हैं. उन्होंने कहा कि 2026 तक ग्लोबल AI मार्केट में खर्च 300 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो सकता है.
AI नई बिजली है, लेकिन सावधानी जरूरी
निवेशक AI को नई बिजली की तरह देख रहे हैं. AI प्रोडक्टिविटी, ऑटोमेशन और डिजिटल बदलाव को तेज कर रहा है. कई कंपनियों की वैल्यूएशन मौजूदा मुनाफे से काफी आगे निकल चुकी है. बड़ी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही हैं.
उनका मानना है कि आने वाले समय में AI का इस्तेमाल इतना बढ़ेगा कि यह निवेश सही साबित होगा. AI शेयर बाजार की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है. कमाई के मौके बहुत बड़े हैं. लेकिन अब यह फ्री राइड नहीं रही. निवेशकों को उत्साह के साथ-साथ समझदारी भी दिखानी होगी. AI का भविष्य उज्ज्वल है. लेकिन रास्ता उतार-चढ़ाव से भरा है.
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डिसक्लेमर: इस खबर में GMP से संबंधित जानकारी दी गई है. मनी9लाइव का GMP तय करने से कोई संबंध नहीं है. मनी9लाइव निवेशकों को यह भी सचेत करता है कि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें. निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल जरूर देखें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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