ट्रंप के भाषण से एशियाई बाजार निराश, Gift Nifty भी लुढ़का, कच्चा तेल 5 फीसदी उछला, युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को निर्णायक मोड़ पर बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने प्रमुख युद्ध लक्ष्यों के करीब पहुंच चुका है. उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले हफ्तों में हमले और तेज होंगे, जबकि इस कार्रवाई का उद्देश्य तेल नहीं बल्कि सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. ट्रंप के इस संबोधन के बाद एशियाई बाजार में गिरावट दर्ज की गई. साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी 5 फीसदी तक उछाल दर्ज किया गया.
Gift Nifty, Asian Market and crude Oil after Trump Speech : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका अपने प्रमुख लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुका है. उन्होंने दावा किया कि यह ऑपरेशन जल्द ही समाप्त हो सकता है और आने वाले हफ्तों में ईरान पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. देश के नाम संबोधन के बाद एशियाई बाजार से लेकर तेल कीमतों में भारी उथल-पुथल देखने को मिला. ट्रंप के हमले तेज करने की बात कहने के बाद कच्चे तेल की कीमत में अचानक तेजी आई और यह लगभग 5 फीसदी उछलकर 105 डॉलर प्रति स्तर को पार कर गया.
एशियाई बाजार का क्या है हाल?
ट्रंप के संबोधन के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला. Gift Nifty में 1.62% की गिरावट के साथ यह 22,452 पर कारोबार करता दिखा. एशियाई बाजारों में निक्केई में 1.88% और हैंग सेंग में 1.02% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई.

कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल
ट्रंप के संबोधन से पहले कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के नीचे कारोबार कर रहा था, लेकिन जैसे ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने अगले 2-3 हफ्ते में हमले तेज करने की बात कही वैसे ही कच्चे तेल की कीमत $105 प्रति के स्तर को पार कर गया. Brent की कीमत $106.07 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, वहीं अमेरिकी बेंचमार्क WTI भी $104 प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है.

युद्ध अपने अंतिम चरण में: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” की शुरुआत से ही अमेरिका का लक्ष्य स्पष्ट था और अब वह अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के करीब है. उनके अनुसार, अमेरिका बहुत जल्द इस मिशन को पूरा कर लेगा और अपने लक्ष्यों को पूरा करने में सफल रहने वाला है.
ईरान पर बड़े हमलों की चेतावनी
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 2–3 हफ्तों में अमेरिका जोरदार हमला करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को स्टोन एज यानी बहुत पीछे धकेल दिया जाएगा, जिससे उसकी सैन्य क्षमता पूरी तरह कमजोर हो जाएगी.
यह भी पढ़ें: ट्रंप बोले- अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर करेंगे जोरदार प्रहार, अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट की जरूरत नहीं
ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी वायुसेना बुरी तरह तबाह हो गई है. उन्होंने कहा कि ईरान के कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं और उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता भी काफी हद तक कम हो गई है. साथ ही, हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां भी नष्ट कर दी गई हैं.
तेल नहीं, सहयोगियों की सुरक्षा है मकसद
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध ईरान के तेल या संसाधनों के लिए नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर है और यह कार्रवाई सिर्फ अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए की जा रही है. साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि तेल की कीमतों को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त संसाधन हैं. साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन देशों को विश्वासघाती बताया है, जिन्होंने युद्ध के समय अमेरिका की मदद नहीं कर रहे हैं.
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