दो दिन में 43% की रैली, FII भी लुटा रहे प्यार, 5 साल में 922% तक रिटर्न, ट्रेड डील से रॉकेट बने इस कंपनी के शेयर
भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते का असर अब शेयर बाजार में साफ दिखने लगा है. टेक्सटाइल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Gokaldas Exports के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. टैरिफ में बड़ी कटौती से कंपनी की अमेरिकी कमाई और भविष्य की संभावनाएं मजबूत होती नजर आ रही हैं.
Gokaldas Exports Rally: भारत और अमेरिका के बीच हुए नए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के ऐलान का सीधा फायदा भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों को मिलता दिख रहा है. इसी का असर बुधवार को Gokaldas Exports के शेयर में देखने को मिला, जहां स्टॉक में लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही और यह इंट्राडे में 20% तक चढ़ गया. दो दिन में इसके शेयर में 43 फीसदी से अधिक की तेजी आई है. दोनों दिन शेयर में 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा. भारत–अमेरिका ट्रेड डील ने गोकलदास एक्सपोर्ट्स जैसी टेक्सटाइल कंपनियों के लिए नए मौके खोल दिए हैं.
भारत–अमेरिका समझौता क्यों है खास?
नए ट्रेड डील के तहत अमेरिका अब भारतीय सामानों पर 50 फीसदी की बजाय सिर्फ 18 फीसदी टैरिफ लगाएगा. यह टैरिफ वियतनाम और बांग्लादेश जैसे बड़े टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स से कम है, जहां अब भी 20 फीसदी टैक्स लागू है. इससे भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगी और एक्सपोर्ट बढ़ने की उम्मीद है.
Gokaldas Exports को सबसे ज्यादा फायदा क्यों?
गोकलदास एक्सपोर्ट्स की करीब 70 फीसदी कमाई अमेरिका से होती है. ऐसे में टैरिफ कम होने से कंपनी के मार्जिन सुधर सकते हैं और ऑर्डर बढ़ने की संभावना है. यही वजह है कि बीते दो कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 43 फीसदी तक उछल चुका है.
शेयर का प्रदर्शन
बुधवार को अपर सर्किट लगने के बाद शेयर के भाव 832.85 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले 3 फरवरी को डील की खबर आने के बाद भी शेयर में 20 फीसदी की रैली दर्ज की गई है. 2 फरवरी को इसके शेयर 581.80 रुपये पर बंद हुआ. यानी 2 दिन में 251 रुपये से अधिक चढ़ा है.

हालांकि पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में करीब 14 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन लंबी अवधि में स्टॉक ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है. पिछले तीन साल में शेयर 136 फीसदी और पांच साल में 922 फीसदी तक चढ़ चुका है, जो कंपनी की मजबूत रिकवरी को दिखाता है.
नतीजे कमजोर, फिर भी निवेशकों का भरोसा
दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 998 करोड़ रुपये रहा, जो लगभग स्थिर है. हालांकि नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट आई और मुनाफा घटकर 15 करोड़ रुपये रह गया. इसके बावजूद एफआईआई ने कंपनी में भरोसा दिखाते हुए अपनी हिस्सेदारी 22.9 फीसदी से बढ़ाकर 23.7 फीसदी कर दी है, जो बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है.


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