अपने तो अपने होते हैं… HDFC Bank से FIIs ने किया किनारा, ₹35000 करोड़ की बिकवाली; मुश्किल वक्त में DIIs बने सहारा
मार्च 2026 तिमाही के दौरान FIIs ने HDFC बैंक के करीब 35,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इस दौरान बैंक के शेयर में करीब 26.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है. शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, FIIs ने अपनी हिस्सेदारी करीब 3.6 प्रतिशत घटा दी.
HDFC Bank: देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank इस समय निवेशकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है. पिछले कुछ महीनों में बैंक के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली है. खास बात यह है कि इस गिरावट के बीच विदेशी निवेशक तेजी से पैसा निकालते नजर आए हैं.
वहीं दूसरी तरफ घरेलू निवेशकों ने इस मौके को खरीदारी के रूप में इस्तेमाल किया है. बैंक के चेयरमैन के अचानक इस्तीफे और उससे जुड़े कॉरपोरेट गवर्नेंस के सवालों ने भी निवेशकों का भरोसा हिलाया है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या इसके पीछे गहरी चिंताएं छिपी हुई हैं.

Q4 में FIIs ने बेचे 35,000 करोड़ के शेयर
मार्च 2026 तिमाही के दौरान FIIs ने HDFC बैंक के करीब 35,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इस दौरान बैंक के शेयर में करीब 26.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है. शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, FIIs ने अपनी हिस्सेदारी करीब 3.6 प्रतिशत घटा दी. यह लगभग 47.95 करोड़ शेयरों के बराबर है.
दिसंबर 2025 में जहां FII हिस्सेदारी 47.67 प्रतिशत थी, वह मार्च 2026 में घटकर 44.05 प्रतिशत रह गई. यह लगातार तीसरी तिमाही है जब विदेशी निवेशकों ने बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम की है. इतना ही नहीं, बैंक में निवेश करने वाले FIIs की संख्या भी घट गई है. दिसंबर 2025 में यह संख्या 2,757 थी, जो मार्च 2026 में घटकर 2,528 रह गई.

घरेलू निवेशकों ने बढ़ाया भरोसा
जहां विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बैंक में भरोसा दिखाया है. म्यूचुअल फंड्स ने लगातार पांचवीं तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 26.66 प्रतिशत से बढ़कर 29.54 प्रतिशत हो गई है.
म्यूचुअल फंड्स करीब 38.67 करोड़ शेयर खरीदे, जिनकी कुल कीमत लगभग 28,293 करोड़ रुपये है. इसके अलावा प्रोविडेंट फंड्स ने 2,239 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. बीमा कंपनियों ने भी करीब 256 करोड़ रुपये का निवेश किया. हालांकि, Life Insurance Corporation of India ने इस दौरान 969 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए.
| श्रेणी | मार्च 2026 | दिसंबर 2025 | सितंबर 2025 |
|---|---|---|---|
| प्रमोटर | 0% | 0% | 0% |
| एफआईआई (FII) | 44.1% | 47.7% | 48.4% |
| डीआईआई (DII) | 40.3% | 37.2% | 36.3% |
| └ म्यूचुअल फंड्स | 29.54% | 26.66% | 26.02% |
| └ बैंक | 0.0% | 0.0% | 0.0% |
| └ बीमा कंपनियां | 7.21% | 7.18% | 7.26% |
| └ अन्य | 3.57% | 3.34% | 2.97% |
| पब्लिक | 15.6% | 15.1% | 15.3% |
चेयरमैन के इस्तीफे से बढ़ी चिंता
बैंक के शेयर में गिरावट की एक बड़ी वजह चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का अचानक इस्तीफा भी माना जा रहा है. उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो साल में कुछ ऐसी घटनाएं और कामकाज हुए जो उनके मूल्यों के अनुसार नहीं थे. इस बयान के बाद निवेशकों के बीच कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं Securities and Exchange Board of India इस मामले की समीक्षा कर रहा है, जिससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है.
क्या हैं शेयरों का हाल
सोमवार को HDFC Bank के शेयर गिरावट के साथ खुला. स्टॉक लगभग 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ करीब 748.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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