बैटरी स्टोरेज को सरकार का बड़ा बूस्ट: ₹5,400 करोड़ मंजूर, इन स्टॉक को फायदा; 41% तक डिस्काउंट पर शेयर
सोलर और विंड पावर की अनियमित सप्लाई के कारण ग्रिड स्टेबिलिटी एक बड़ी चुनौती बन गई है. सरकार ने बैटरी स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए Viability Gap Funding के तहत अतिरिक्त 5,400 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ शेयरों को सीधा बेनफिट होगा.
भारत रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार का लक्ष्य 2030 तक कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50 फीसदी नॉन फॉसिल फ्यूल से हासिल करना और 2005 के मुकाबले जीडीपी एमिशन इंटेंसिटी में 45 फीसदी की कटौती करना है. देश 100 गीगावाट सोलर पीवी मॉड्यूल क्षमता हासिल कर चुका है, लेकिन सोलर और विंड पावर की अनियमित सप्लाई के कारण ग्रिड स्टेबिलिटी एक बड़ी चुनौती बन गई है. सरकार ने बैटरी स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए Viability Gap Funding के तहत अतिरिक्त 5,400 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ शेयरों को सीधा फायदा होगा.
ACME Solar Holdings
- ACME Solar Holdings रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रही है. कंपनी का कुल पोर्टफोलियो 7.4 गीगावाट का है, जिसमें सोलर, विंड और हाइब्रिड और स्टोरेज प्रोजेक्ट शामिल हैं. इसके साथ ही कंपनी के पास 13.5 गीगावाट आवर की Battery Energy Storage Systems क्षमता है.
- हाल ही में कंपनी ने ग्लोबल एनर्जी सिस्टम सप्लायर्स से 2 गीगावाट आवर का अतिरिक्त BESS ऑर्डर दिया है. इसके बाद कंपनी का कुल BESS ऑर्डर 5.1 गीगावाट आवर तक पहुंच गया है.
- सोमवार को ACME Solar Holdings का शेयर लाल निशान में 0.77 फीसदी गिरकर 238.63 रुपये पर कारोबार कर रहा था. यह अपने 52-वीक हाई से करीब 26.42 फीसदी नीचे है.
Bondada Engineering
- Bondada Engineering खुद को पब्लिक सेक्टर कंपनियों के लिए एक अहम BESS ईपीसी प्लेयर के तौर पर स्थापित कर रही है. कंपनी Build Operate and Own मॉडल पर 12 से 14 साल की अवधि वाले प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. फिलहाल इसके पास 400 मेगावाट आवर का बीओओ कॉन्ट्रैक्ट है और आगे चलकर BESS ऑपरेशन और मेंटेनेंस सेवाओं में भी उतरने की योजना है.
- अक्टूबर 2025 तक कंपनी की BESS ऑर्डर बुक 850 करोड़ रुपये की है. Renewable Energy सेगमेंट, जिसमें Solar EPC और IPP शामिल हैं, कुल 5,990 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक में से 4,570 करोड़ रुपये का योगदान देता है. इससे कंपनी को तीन साल से ज्यादा की रेवेन्यू विजिबिलिटी मिलती है.
- सोमवार को Bondada Engineering का शेयर मामूली 0.03 फीसदी की गिरावट के साथ 369.9 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. यह अपने 52-वीक हाई से करीब 41.73 फीसदी नीचे है.
Tata Power
- Tata Power देश की सबसे बड़ी वर्टिकली इंटीग्रेटेड पावर कंपनियों में शामिल है और क्लीन एनर्जी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. कंपनी के पास 26.3 गीगावाट की जनरेशन क्षमता, 4,659 सर्किट किलोमीटर का ट्रांसमिशन नेटवर्क और 4.9 गीगावाट की इंटीग्रेटेड सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है.
- Tata Power ने Battery Energy Storage Systems को अपनी Utility of the Future रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है. Tata Power Renewable Energy के जरिए कंपनी ने NHPC से Kerala State Electricity Board के लिए अपना पहला स्टैंडअलोन BESS प्रोजेक्ट हासिल किया है. यह 120 मेगावाट आवर का प्रोजेक्ट है, जिसे 15 महीनों में पूरा किया जाना है.
- सोमवार को Tata Power का शेयर 1.08 फीसदी की गिरावट के साथ 388.85 रुपये पर कारोबार कर रहा था. यह अपने 52- वीक हाई से करीब 10.73 फीसदी नीचे है.
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