Mazagon Dock या Cochin Shipyard नहीं, ये 3 शिपबिल्डिंग कंपनियां कर सकती हैं धमाल, 2 लाख करोड़ के ऑर्डर पर नजर, 1000% तक रिटर्न
भारत का डिफेंस और मैरिटाइम सेक्टर Shipbuilding Super Cycle के दौर में है. भारतीय नौसेना का 200 जहाजों का लक्ष्य और 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के ऑर्डर इस ग्रोथ को मजबूती दे रहे हैं. Mazagon Dock जैसे बड़े नामों से अलग Krishna Defence Dredging Corporation और Cemindia Projects जैसी कंपनियां सप्लाई चेन ड्रेजिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में अहम भूमिका निभा रही हैं.
Shipbuilding Boom: भारत का डिफेंस और मैरिटाइम सेक्टर तेजी से एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है. इसे शिपबिल्डिंग सुपर साइकिल के रूप में देखा जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दस सालों में भारत दुनिया के टॉप शिपबिल्डिंग देशों में शामिल हो. इसके साथ ही भारत को ग्लोबल शिप रिपेयर और एमआरओ हब बनाने की भी तैयारी है. अब तक बाजार की नजर Mazagon Dock और Cochin Shipyard जैसे बड़े नामों पर रही है. लेकिन असली बदलाव उन कंपनियों में हो रहा है जो सप्लाई चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी हैं. यही कंपनियां आने वाले समय में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.
नेवी का विजन क्यों बड़ा
फिलहाल भारतीय नौसेना के पास करीब 132 जहाज हैं. अगले दस वर्षों में यह संख्या 175 से 200 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. अभी ही नेवी के पास 68 युद्धपोत ऑर्डर में हैं जिनकी कुल वैल्यू करीब 2 लाख करोड़ रुपये बताई जाती है. आने वाले समय में नए जहाजों के साथ-साथ कई सहायक सेक्टर की मांग बढ़ेगी. इसमें हाई स्ट्रेंथ स्टील पार्ट्स, पोर्ट डेप्थ मेंटेनेंस और शिप रिपेयर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं. इससे शिपयार्ड के बाहर की कंपनियों को भी सीधा फायदा मिलेगा.
Krishna Defence
यह उन कंपनियों में शामिल है जिनका नाम कम लिया जाता है. लेकिन इनके बिना युद्धपोत बनना संभव नहीं है. कंपनी Bulb Bars बनाती है जो नेवल वॉरशिप के स्ट्रक्चर में इस्तेमाल होते हैं. ये स्टील सेक्शन जहाज को मजबूती और स्थिरता देते हैं. देश में केवल दो कंपनियां ही Navy के लिए Bulb Bars सप्लाई करने को अप्रूव्ड हैं. Krishna Defence उनमें से एक है. इसके ग्राहक Mazagon Dock, Cochin Shipyard, GRSE और L&T जैसे बड़े नाम हैं. कंपनी की ज्यादातर कमाई डिफेंस सेक्टर से आती है.
H1 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 120.5 करोड़ रुपये रहा. EBITDA 21.6 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 17.9 फीसदी रहा. नेट प्रॉफिट 15.6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. कंपनी की ऑर्डर बुक 196 करोड़ रुपये है और H2FY26 में 100 से 150 करोड़ रुपये का इन्फ्लो आने की उम्मीद है. EV/EBITDA 29.7, RoCE 24.3 फीसदी और RoE 18.4 फीसदी है. सोमवार को इसके शेयर 7.30 फीसदी की तेजी के साथ 771 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. 5 साल में इसने 1061 फीसदी की रिटर्न दिया है.
Dredging Corporation of India
शिपबिल्डिंग का एक जरूरी लेकिन कम चर्चित हिस्सा है पोर्ट और समुद्री रास्तों की गहराई. बड़े जहाज तभी चल सकते हैं जब बंदरगाहों की गहराई बनी रहे. यही काम Dredging Corporation of India करती है. यह कंपनी भारत के ज्यादातर बड़े पोर्ट्स में मेंटेनेंस ड्रेजिंग का काम संभालती है. कंपनी Indian Navy के साथ भी काम करती है. फिलहाल इसकी सबसे बड़ी चुनौती पुराना बेड़ा है जिससे लागत बढ़ती है. लेकिन Cochin Shipyard में बन रहा नया ड्रेजर भविष्य में इसकी कैपेसिटी और मुनाफे को बेहतर बना सकता है.
H1 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 454 करोड़ रुपये रहा, लेकिन नेट लॉस 34 करोड़ रुपये रहा. इसकी ऑर्डर बुक 1,422 करोड़ रुपये की है. EV/EBITDA 16.3 है, जबकि RoCE और RoE उपलब्ध नहीं हैं. कंपनी के पुराने बेड़े और विदेशी मुद्रा उतार-चढ़ाव ने प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाला है. सोमवार को इसके शेयर 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 958 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. 5 साल में इसने 193 फीसदी की रिटर्न दिया है,
Cemindia Projects
जहाज बनने से पहले और बाद में जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है वह है मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर. Cemindia Projects इसी क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखती है. पहले यह ITD Cementation के नाम से जानी जाती थी और अब Adani Group का हिस्सा है. कंपनी ने Project Varsha और Project Sea Bird जैसे अहम नेवल प्रोजेक्ट पर काम किया है. यह ड्राई डॉक, शिप लिफ्ट और ब्रेकवाटर जैसे जटिल स्ट्रक्चर बनाती है. इसके ऑर्डर बुक का बड़ा हिस्सा मैरिटाइम से जुड़ा है. शिपबिल्डिंग क्लस्टर के विकास के साथ Cemindia के लिए नए मौके बन सकते हैं.
H1 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 4,718 करोड़ रुपये रहा. EBITDA 496 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 10.5 फीसदी रहा. नेट प्रॉफिट 245 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. कंपनी की ऑर्डर बुक में 6,715 करोड़ रुपये का हिस्सा मैरिटाइम से जुड़ा है. EV/EBITDA 13.8, RoCE 27.6 फीसदी और RoE 21.8 फीसदी है. सोमवार को इसके शेयर 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ 771 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. 5 साल में इसने 1050 फीसदी की रिटर्न दिया है.
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