क्या आपको भी है डेट-फ्री कंपनियों की तलाश? TCS समेत इन 3 लार्जकैप स्टॉक्स पर है न के बराबर कर्ज; रखें रडार पर
क्या आप डेट-फ्री कंपनियों की तलाश में हैं? TCS जैसी तीन लार्जकैप कंपनियों के डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1 से कम है. ये कंपनियां न केवल मजबूत वित्तीय स्थिति में हैं, बल्कि निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश विकल्प भी मानी जाती हैं. जानिए किन कंपनियों पर कर्ज बेहद कम है और क्यों ये लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए बेहतर अवसर पेश करती हैं.
Largecap stocks: निवेशक अक्सर उन कंपनियों की तलाश करते हैं जो न केवल मुनाफा कमा रही हों, बल्कि वित्तीय रूप से भी मजबूत हों. ऐसे में कर्ज से मुक्त या कम कर्ज वाली कंपनियां निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश साबित हो सकती हैं. आज हम आपको बताएंगे उन लार्जकैप कंपनियों के बारे में जिनका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1 से कम है. इन कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. तो चलिए जानते हैं उन कंपनियों के बारे में जिन पर कर्ज काफी कम है.
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS)
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज भारत की प्रमुख आईटी सर्विस कंपनी है. 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप के साथ कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो मात्र 0.10 है, यानी इतने बड़े मार्केट कैप के साथ कंपनी पर कर्ज काफी कम है. Q2FY26 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 65,799 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 12,131 करोड़ रुपये रहा है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.29 फीसदी गिरकर 2,962.20 रुपये पर पहुंच गया है.
एबीबी इंडिया लिमिटेड (ABB India Limited)
इंजीनियरिंग प्रोडक्ट, ऑटोमेशन और पावर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाली एबीबी इंडिया लिमिटेड का मार्केट कैप 1,10,165 करोड़ रुपये है. कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.01 है, यानी न के बराबर है. Q1FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 3,175 करोड़ रुपये रहा. अगर शेयर की बात करें तो शुक्रवार को यह 0.19 फीसदी गिरकर 5,202 रुपये पर बंद हुआ.
हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड (Hero MotoCorp Limited)
दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड का मार्केट कैप 1,11,937 करोड़ रुपये है. इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.04 है, यानी कंपनी पर बेहद कम कर्ज है. Q1FY26 में रेवेन्यू में मामूली गिरावट के बावजूद कंपनी ने अपने नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी दर्ज करते हुए इसे 1,706 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है. शुक्रवार को इसका शेयर 0.23 फीसदी बढ़कर 5,592.50 रुपये पर पहुंच गया है.
क्यों महत्वपूर्ण है डेट-टू-इक्विटी रेशियो?
डेट-टू-इक्विटी रेशियो किसी कंपनी की वित्तीय सेहत को बताने वाला एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर है. यह बताता है कि कंपनी अपने बिजनेस को चलाने और विकसित करने के लिए कर्ज के मुकाबले अपनी खुद की पूंजी (इक्विटी) पर कितनी निर्भर है. जब यह अनुपात 1 से कम होता है, तो इसका मतलब है कि कंपनी अपने ऑपरेशन और विकास के लिए जरूरी धनराशि ज्यादातर अपने स्वयं के फंड से जुटा रही है, न कि बाहरी कर्ज लेकर. यह स्थिति कंपनी की वित्तीय स्थिरता, जोखिम से सुरक्षा और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ क्षमता का संकेत देती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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