बिकवाली के दौर में IT सेक्टर में LIC का बड़ा दांव, TCS से लेकर HCL में बढ़ाई हिस्सेदारी, बैंकिंग-मेटल शेयरों में घटाया स्टेक
फरवरी में आईटी सेक्टर पर लगातार दबाव बना हुआ है और अधिकतर कारोबारी दिनों में शेयर गिरावट के साथ बंद हो रहे हैं. 18 फरवरी को भी Infosys और Tech Mahindra समेत कई आईटी शेयर 2% से ज्यादा टूट गए. ऐसे माहौल में दिसंबर तिमाही में LIC द्वारा आईटी कंपनियों में बड़ा निवेश करना बाजार के लिए चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है.
LIC in IT Stocks: फरवरी महीने में लगभग हर कारोबारी दिन आईटी सेक्टर की कंपनियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है. 18 फरवरी को भी Infosys और Tech Mahindra समेत कई आईटी शेयरों में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. गौर करने वाली बात यह है कि दिसंबर तिमाही में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) ने आईटी शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. बाजार की धारणा के विपरीत कदम उठाते हुए LIC ने आईटी सेक्टर में बड़ा निवेश किया.
जब अधिकांश निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डर से आईटी शेयरों की बिकवाली कर रहे थे, तब देश की सबसे बड़ी घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) LIC ने आईटी कंपनियों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया. वहीं दूसरी ओर, बैंकिंग, मेटल और कुछ बड़े औद्योगिक शेयरों में LIC ने अपनी हिस्सेदारी घटा दी.
आईटी सेक्टर में बड़ा दांव
इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, Tata Consultancy Services में LIC ने दिसंबर तिमाही में करीब 3,136 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. HCL Technologies में 2,293 करोड़ रुपये का निवेश किया. इसमें एलआईसी ने अपनी हिस्सेदारी 6.06% से बढ़ाकर 6.63% कर लिया है. Coforge में तो LIC की हिस्सेदारी 1% से बढ़कर 4.66% हो गई, जो बड़ी छलांग मानी जा रही है. हालांकि बाद में हिस्सेदारी घटाकर 2.20 किया गया है. आईटी सेक्टर में LIC का कुल निवेश 1.82 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.17 लाख करोड़ रुपये हो गया. अब उसके पोर्टफोलियो में आईटी की हिस्सेदारी 12.43% हो गई है.
बैंकिंग शेयरों में कटौती
जहां आईटी में खरीदारी हुई, वहीं बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली. State Bank of India में 3,080 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेची गई. HDFC Bank में 1,528 करोड़ रुपये और Bank of Baroda में 1,173 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए. इसके बावजूद वित्तीय सेवाएं अभी भी LIC के पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, जिसकी कुल वैल्यू 4.64 लाख करोड़ रुपये है.
इंडस्ट्रियल और मेटल शेयरों में भी बिकवाली
Larsen & Toubro में 2,442 करोड़ रुपये और Reliance Industries में 2,367 करोड़ रुपये की कटौती की गई. मेटल सेक्टर में भी LIC ने हिस्सेदारी घटाई. Hindalco Industries, Vedanta और Steel Authority of India में हिस्सेदारी कम की गई.
इसके अलावा Adani Ports में भी हिस्सेदारी घटाई गई.
किन शेयरों में बढ़ाया भरोसा?
आईटी के अलावा LIC ने दवा और अन्य सेक्टर में भी निवेश बढ़ाया. Sun Pharmaceutical Industries में 2,942 करोड़ रुपये का निवेश किया. इसके अलावा NMDC, Bajaj Auto, Coal India, Dr. Reddy’s Laboratories, Voltas और JSW Energy में भी हिस्सेदारी बढ़ाई. वहीं Maruti Suzuki को टॉप बिकवाली सूची में रखा गया. कुल मिलाकर LIC ने 73 कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई और 90 कंपनियों में घटाई. बाजार में एआई के असर को लेकर बहस जारी है, लेकिन LIC का मानना है कि आईटी सेक्टर में गिरावट अस्थायी है और लंबी अवधि में यह निवेश फायदेमंद साबित हो सकता है.
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