EV, AI और स्मार्ट सिटी के पीछे का असली पावरहाउस, जानें क्यों केबल सेक्टर बन रहा अगला मल्टीबैगर दांव
जैसे-जैसे दुनिया बिजलीकरण, डिजिटलीकरण और ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है, भरोसेमंद पावर और डेटा ट्रांसमिशन की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. वैश्विक वायर और केबल उद्योग लगभग 7.4 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रहा है और 2030 तक करीब 410 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
Cable Stocks: डेटा सेंटर, रक्षा ठिकाने, सोलर पार्क, इलेक्ट्रिक वाहन फैक्ट्री और स्मार्ट सिटी जैसी आधुनिक प्रोजेक्ट के पीछे एक ऐसी ताकत काम करती है, जिस पर कम ध्यान जाता है. ये तार और केबल है. जैसे-जैसे दुनिया बिजलीकरण, डिजिटलीकरण और ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है, भरोसेमंद पावर और डेटा ट्रांसमिशन की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. वैश्विक वायर और केबल उद्योग लगभग 7.4 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रहा है और 2030 तक करीब 410 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
बिजली की मांग 2050 तक लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है. इसलिए यूरोपीय संघ 2030 तक बिजली नेटवर्क पर 633 अरब डॉलर और अमेरिका अपने GRIP कार्यक्रम के तहत 10.5 अरब डॉलर निवेश कर रहा है. वहीं चीन पर निर्भरता घटाने की नीति ने भारत को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभारा है, जिससे भारतीय केबल कंपनियों को सीधा फायदा मिल रहा है.
Polycab India
Polycab India भारत की सबसे बड़ी वायर और केबल निर्माता है. FY25 में इसका टर्नओवर 224 अरब रुपये से ज्यादा रहा. कंपनी के देशभर में 27 प्लांट, 15 दफ्तर और 34 गोदाम हैं और इसके प्रोडक्ट 84 देशों में निर्यात होते हैं. वर्तमान में इसका शेयर लगभग 7,130 रुपये पर ट्रेड कर रहा है और मार्केट कैप करीब 1.07 लाख करोड़ रुपये है. Polycab के पास लगभग 9,700 तरह के प्रोडक्ट हैं, जिनमें सोलर केबल, ईवी केबल, ऑप्टिकल फाइबर, पावर केबल और कम्युनिकेशन केबल शामिल हैं.
केबल के अलावा Polycab पंखे, लाइटिंग, स्विच, सोलर उपकरण और पाइप भी बनाती है. इसका EPC डिवीजन बड़े पावर प्रोजेक्ट संभालता है. इसके प्रमुख ग्राहकों में Reliance, Tata Motors, ISRO, Jio, Vedanta, Tata Power और L&T शामिल हैं. पिछले तीन सालों में कंपनी का मुनाफा 29 प्रतिशत और बिक्री 22 प्रतिशत की CAGR से बढ़ी है.
KEI Industries
KEI Industries की शुरुआत साल 1968 में हुई थी और आज यह 60 से अधिक देशों में काम करती है. इसके 38 ब्रांच ऑफिस और 21 वेयरहाउस हैं. शेयर का भाव लगभग 4,332 रुपये है और मार्केट कैप करीब 41,419 करोड़ रुपये है. KEI हाई-वोल्टेज, मीडियम-वोल्टेज, लो-वोल्टेज, सोलर, ईवी और फायर-रेसिस्टेंट केबल बनाती है.
सितंबर 2025 तक इसका ऑर्डर बुक 38,448 करोड़ रुपये था. इसके बड़े ग्राहकों में ABB, Tata Power, Reliance, ONGC, SAIL, Infosys, Airtel और Jio शामिल हैं. पिछले तीन वर्षों में कंपनी की बिक्री 19 प्रतिशत और मुनाफा 23 प्रतिशत की दर से बढ़ा है. कंपनी पर कर्ज कम है और कैश बैलेंस मजबूत है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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