Closing Bell: सेंसेक्स-निफ्टी लगातार पांचवें दिन टूटे, निवेशकों के 13 लाख करोड़ साफ

Closing Bell: फ्रंटलाइन इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, शुक्रवार 9 जनवरी को लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि US टैरिफ को लेकर नई चिंताओं, Q2 नतीजों के सीजन से पहले सावधानी और लगातार विदेशी पूंजी के बाहर जाने से मार्केट सेंटीमेंट पर दबाव बना रहा.

शेयर मार्केट में गिरावट. Image Credit: Tv9 Bharatvarsh

Closing Bell: शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर खुलने के बाद भारतीय शेयर बाजार टूट गया. ओपनिंग बेल बजने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में आ गए, क्योंकि निवेशक अमेरिकी टैरिफ की वैधता पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले सतर्क थे, जिसका असर पिछले कुछ सेशन में बाजारों पर पड़ा है. भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 9 जनवरी को लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए. निफ्टी 25,700 के नीचे बंद हुआ.

सेंसेक्स 542.30 अंक या 0.64 फीसदी गिरकर 83,576.24 पर और निफ्टी 193.55 अंक या 0.75 फीसदी गिरकर 25,683.30 पर बंद हुआ. लगभग 918 शेयरों में तेजी आई, 2889 शेयरों में गिरावट आई और 131 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

अडानी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस, NTPC, ICICI बैंक, जियो फाइनेंशियल निफ्टी में प्रमुख लूजर रहे, जबकि गेनर एशियन पेंट्स, ONGC, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, HCL टेक्नोलॉजीज थे.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टर्स में IT, PSU बैंक, ऑयल एंड गैस को छोड़कर, बाकी सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, ऑटो, FMCG, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1-2 फीसदी की गिरावट आई.

निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी IT को छोड़कर, सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें निफ्टी रियल्टी में 2.16 फीसदी की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी केमिकल्स और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में से प्रत्येक में 1.5 फीसदी की गिरावट आई. अन्य इंडेक्स, जिनमें निफ्टी FMCG, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा शामिल हैं, क्रमशः 1.13%, 1.10% और 0.86% टूटे.

निवेशकों के 13 लाख करोड़ डूबे

लगातार पांच सेशन की बिकवाली से सेंसेक्स 2,186 अंक या 2.5 फीसदी नीचे गिर गया. निफ्टी 50 को भी पिछले पांच दिनों में कुल मिलाकर 2.5 फीसदी का नुकसान हुआ है. इन 5 दिनों में निवेशकों के 13 लाख करोड़ रुपये खाक हो गए.

पांच दिनों में इन्वेस्टर्स को 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है, क्योंकि BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 2 जनवरी को 481 लाख करोड़ रुपये से घटकर 468 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया. अकेले 9 जनवरी को ही इन्वेस्टर्स की दौलत में 4 लाख करोड़ से अधिक की कमी आई.

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