बजाज फाइनेंस या Shriram Finance, कौन बनेगा NBFC का नया किंग, NPA, ROE और लोन बुक किसका दमदार

NBFC सेक्टर में Shriram Finance तेजी से मजबूत दावेदार बनकर उभरा है. जापान की दिग्गज MUFG Bank की 20% हिस्सेदारी से कंपनी की साख और ग्रोथ आउटलुक को बड़ा सपोर्ट मिला है. दिसंबर 2025 तिमाही में रिटेल लोन ग्रोथ, बेहतर नेट इंटरेस्ट मार्जिन और मुनाफे में मजबूती दिखी. Bajaj Finance की तुलना में सस्ता वैल्यूएशन और विदेशी निवेश Shriram Finance को 2026 में NBFC किंग की रेस में आगे रखता है.

NBFC सेक्टर में Shriram Finance तेजी से उभरा है. Image Credit: money9live

NBFC सेक्टर में अब तक बजाज फाइनेंस को सबसे बड़ा नाम माना जाता रहा है. लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है. दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजों और जापान की दिग्गज बैंक MUFG की एंट्री के बाद Shriram Finance तेजी से चर्चा में आ गई है. मजबूत रिटेल लोन ग्रोथ, बेहतर मार्जिन और सस्ता वैल्यूएशन इसे नया दावेदार बना रहा है. निवेशक भी अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या NBFC का नया किंग Shriram Finance बनने जा रहा है. 2026 का आउटलुक इसी बदलाव की ओर इशारा कर रहा है.

MUFG की एंट्री ने क्यों बदला पूरा गेम

दिसंबर 2025 के अंत में Shriram Finance ने जापान की MUFG Bank से करीब 39 हजार 617 करोड़ रुपये जुटाने का ऐलान किया. इस डील के तहत MUFG कंपनी में 20 फीसदी हिस्सेदारी लेगी. यह सिर्फ फंडिंग नहीं बल्कि भरोसे की मुहर मानी जा रही है. इस खबर के बाद Shriram Finance का शेयर 5 फीसदी चढ़कर 1012 रुपये तक पहुंच गया और 52 हफ्ते का हाई भी छू गया. विदेशी निवेशक की एंट्री से कंपनी की ग्रोथ क्षमता और मजबूत हुई है.

दिसंबर तिमाही का रिपोर्ट कार्ड

दिसंबर 2025 तिमाही में दोनों NBFC ने मजबूत प्रदर्शन किया. Shriram Finance का लोन ग्रोथ 14.6 फीसदी रहा जबकि बजाज फाइनेंस का लोन बुक 22 फीसदी बढ़ा. Shriram Finance का नेट प्रॉफिट ग्रोथ 21.2 फीसदी रहा वहीं बजाज फाइनेंस ने 23 फीसदी की ग्रोथ दिखाई. हालांकि एसेट क्वालिटी में बजाज फाइनेंस आगे रहा जहां नेट NPA सिर्फ 0.47 फीसदी रहा जबकि Shriram Finance का नेट NPA 2.38 फीसदी रहा. बजाज का ROE 19.2 फीसदी है जबकि श्रीराम फाइनेंस का ROE 15.6 फीसदी है.

रिटेल लोन पर दांव बना Shriram की ताकत

Shriram Finance की सबसे बड़ी ताकत उसका रिटेल लोन फोकस है. कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 8.58 फीसदी रहा जो पिछले साल से बेहतर है. फार्म इक्विपमेंट लोन में 37.5 फीसदी और पैसेंजर व्हीकल लोन में 21.8 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली. रिटेल लोन पर ज्यादा ब्याज मिलने से कंपनी ने RBI के सस्ते क्रेडिट माहौल में भी अपने मार्जिन को संभाले रखा.

प्रॉफिट और एसेट क्वालिटी में क्या तस्वीर

Shriram Finance के नेट NPA में सुधार देखने को मिला है जो 2.68 फीसदी से घटकर 2.38 फीसदी हो गया. हालांकि दिसंबर 2024 में हाउसिंग फाइनेंस बिजनेस बेचने से मिले एकमुश्त मुनाफे के कारण साल दर साल प्रॉफिट में गिरावट दिखी. लेकिन एकमुश्त मदों को हटाने पर कंपनी का प्रॉफिट 21.2 फीसदी बढ़ा है. वहीं बजाज फाइनेंस ने ज्यादा प्रोविजनिंग की वजह से रिपोर्टेड प्रॉफिट में गिरावट दिखाई लेकिन यह उसके कंजर्वेटिव अप्रोच को दिखाता है.

वैल्यूएशन में क्यों Shriram आगे

वैल्यूएशन के मोर्चे पर Shriram Finance ज्यादा आकर्षक नजर आ रहा है. यह करीब 3.1 गुना बुक वैल्यू और 20.8 पीई पर ट्रेड कर रहा है. वहीं बजाज फाइनेंस 5.8 गुना बुक वैल्यू और 32.8 पीई पर है. यही वजह है कि निवेशकों को Shriram Finance में ज्यादा अपसाइड दिख रहा है. MUFG की एंट्री ने इस भरोसे को और मजबूत किया है.

NBFC की रेस

आने वाले महीनों में RBI की नीतियों और अमेरिका के साथ ट्रेड डील से लेंडिंग में तेजी आने की उम्मीद है. Shriram Finance और बजाज फाइनेंस दोनों फंड रेजिंग की तैयारी में हैं. लेकिन विदेशी रणनीतिक निवेशक का साथ मजबूत रिटेल फोकस और सस्ता वैल्यूएशन Shriram Finance को NBFC किंग की रेस में आगे खड़ा करता है. 2026 में सेक्टर का नेतृत्व किसके हाथ होगा इस पर अब सबकी नजर Shriram Finance पर टिकी है.