सर्विस सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, जनवरी में PMI 58.5 पर पहुंचा, नए ऑर्डर और डिमांड से मिला बूस्‍ट

जनवरी में भारत के सर्विस सेक्टर ने मजबूत वापसी करते हुए PMI 58.5 तक पहुंचाया, जो लगातार 54वें महीने विस्तार का संकेत देता है. नए ऑर्डर, घरेलू और विदेशी मांग बढ़ने की वजह से आउटपुट और हायरिंग में सुधार देखने को मिला. जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सर्विस सेक्‍टर मजबूत रह सकता है.

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Service PMI January 2026: भारत के सर्विस सेक्टर में नए साल की शुरुआत शानदार रही है. जनवरी में सर्विस गतिविधियों की रफ्तार तेज हुई. जिसके चलते HSBC इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI बढ़कर 58.5 पर पहुंच गया. दिसंबर में यह 58 था, जो 11 महीने का निचला स्तर था.

PMI का 50 से ऊपर रहना विस्तार का संकेत देता है और जनवरी का आंकड़ा बताता है कि सर्विस सेक्टर लगातार 54वें महीने ग्रोथ जोन में बना हुआ है. यानी होटल, ट्रैवल, फाइनेंस, इंश्योरेंस और टेक्नोलॉजी जैसी सेवाओं में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है.

इन कारणों से आई तेजी

रिपोर्ट के मुताबिक आउटपुट, नए ऑर्डर और रोजगार में सुधार देखने को मिला. खासकर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से कारोबार को अतिरिक्त सपोर्ट मिला. बिजनेस पर भरोसा भी बढ़ा है, जिसके चलते ये तीन महीने के हाई स्तर पर पहुंच गया. सबसे ज्‍यादा ग्रोथ फाइनेंस और इंश्योरेंस ने दर्ज की. घरेलू बाजार से ज्यादा ऑर्डर आए, लेकिन विदेशी ऑर्डर तीन महीने की सबसे तेज रफ्तार से बढ़े. नए काम बढ़ने से कंपनियों ने दोबारा भर्ती शुरू की, हालांकि जॉब क्रिएशन अभी सीमित रही.

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मैन्‍युफैक्‍चरिंग में भी तेजी

सर्विस सेक्टर की मजबूती का असर मैन्युफैक्चरिंग पर भी दिखा. HSBC इंडिया कंपोजिट PMI जनवरी में बढ़कर 58.4 हो गया, जो दिसंबर के 57.8 से ज्यादा है. इससे देश में आर्थिक गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ रही हैं. हालांकि लागत के मोर्चे पर कुछ दबाव देखने को मिला. अंडे, इलेक्ट्रॉनिक्स, मीट, पेपर और सब्जियों जैसी चीजों की कीमतें बढ़ने से इनपुट कॉस्ट सितंबर के बाद सबसे तेजी से बढ़ी. कंपनियों ने बढ़ती लागत को बैलेंस करने के लिए सर्विस चार्ज भी बढ़ाए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मांग, टेक्नोलॉजी निवेश और नए ग्राहकों की बढ़ती संख्या से आने वाले महीनों में भी सर्विस सेक्टर में मजबूती देखने को मिलेगी.