1 साल में 30% तक टूटे Swiggy के शेयर, क्या अब है खरीदारी का मौका? JM Financial ने बताया यहां जाएगा भाव
Swiggy का शेयर अपने 52-वीक हाई से करीब 30 फीसदी नीचे आ चुका है. JM Financial ने Instamart के लगातार घाटे को बड़ी चुनौती बताते हुए टारगेट प्राइस घटा दिए है, हालांकि रेटिंग अभी भी ‘ADD’ बनी हुई है. जानें क्या है ब्रोकरेज फर्म की एनालिसिस और टारगेट.
Swiggy Share and Brokerage Report: पिछले एक साल में Swiggy के शेयर ने निवेशकों को खासा निराश किया है. अपने 52-वीक हाई से यह स्टॉक करीब 30 फीसदी तक टूट चुका है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मौजूदा गिरावट निवेश का मौका है या अभी और सतर्क रहने की जरूरत है? इसी पर JM Financial ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है, जिसमें Swiggy पर ‘ADD’ की रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस घटाकर 400 रुपये कर दिया गया है.
Instamart बना Swiggy की सबसे बड़ी चुनौती
JM Financial के मुताबिक Swiggy के क्विक कॉमर्स बिजनेस Instamart में घाटे की स्थिति अभी लंबे समय तक बनी रह सकती है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि Instamart का एडजस्टेड EBITDA लॉस अगले 3-4 तिमाहियों तक 8 से 9 अरब रुपये प्रति तिमाही के आसपास रह सकता है. इसकी वजह है जबरदस्त प्रतिस्पर्धा, कम होते टेक-रेट्स (यानी ग्राहक से कम कमाई) और बढ़ता फिक्स्ड कॉस्ट, खासकर परफॉर्मेंस मार्केटिंग पर खर्च. हालांकि मार्जिन में प्रतिशत के लिहाज से थोड़ा सुधार हो सकता है, लेकिन JM Financial का मानना है कि Instamart का EBITDA ब्रेक-ईवन FY30 से पहले संभव नहीं दिखता. पहले यह अनुमान FY29 का था, जिसे अब आगे खिसका दिया गया है.
Blinkit से तुलना में कमजोर स्थिति
रिपोर्ट में Instamart की तुलना मार्केट लीडर Blinkit से की गई है. जहां Blinkit के FY27 की पहली तिमाही में EBITDA ब्रेक-ईवन के करीब पहुंचने की उम्मीद है, वहीं Instamart का रास्ता ज्यादा लंबा और कठिन नजर आता है. आंकड़ों के मुताबिक Q2 FY26 में Instamart को प्रति ऑर्डर करीब 84 रुपये का नुकसान हुआ, जबकि Blinkit का नुकसान सिर्फ 7 रुपये प्रति ऑर्डर रहा. यही नहीं, Blinkit का ट्रांजैक्टिंग कस्टमर बेस और ऑर्डर फ्रीक्वेंसी लगातार बेहतर हो रही है, जबकि Instamart में इन मोर्चों पर कमजोरी दिखी है.
ग्रोथ बनाम प्रॉफिटेबिलिटी की जंग
JM Financial का कहना है कि Instamart इस वक्त ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच फंसा हुआ है. भले ही हालिया फंडिंग से कंपनी को थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन क्विक कॉमर्स सेक्टर में कंपटीशन अभी शांत नहीं हुई है. कमजोर कस्टमर क्वालिटी के चलते Instamart को हर तिमाही नए और पुराने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ता है. ऊपर से Blinkit के बराबर का फिक्स्ड कॉस्ट बेस होने के कारण ऑपरेटिंग लेवरेज हासिल करना भी मुश्किल हो रहा है.
वैल्यूएशन पर असर, टारगेट घटा
Instamart की कमजोर ब्रेक-ईवन विजिबिलिटी को देखते हुए JM Financial ने इसके वैल्यूएशन मल्टीपल को घटा दिया है. पहले जहां Instamart को 0.5x EV/GOV मल्टीपल दिया गया था, अब इसे घटाकर 0.25x कर दिया गया है. इसी वजह से Swiggy का दिसंबर 2026 का टारगेट प्राइस 460 रुपये से घटाकर 400 रुपये कर दिया गया है, हालांकि रेटिंग अभी भी ‘ADD’ रखी गई है.
फूड डिलीवरी से उम्मीद
ब्रोकरेज ने Swiggy के फूड डिलीवरी बिजनेस को 45x EV/Adjusted EBITDA के मल्टीपल पर वैल्यू किया है. इसके अलावा आउट-ऑफ-होम कंजंप्शन और सप्लाई चेन बिजनेस को भी अलग-अलग वैल्यू दी गई है. हालांकि, लगातार ऊंचे कैश बर्न की आशंका के चलते बैलेंस शीट कैश पर भी सतर्क नजरिया रखा गया है.
तो क्या अभी खरीदारी सही है?
JM Financial की रिपोर्ट से साफ है कि Swiggy में लंबी अवधि का दांव लगाने से पहले निवेशकों को धैर्य रखना होगा. ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 12 महीने के लिए टारगेट दिया है जो कि 400 रुपये का है. मौजूदा भाव पर कुछ अपसाइड जरूर दिखता है, लेकिन Instamart की लगातार बढ़ती चुनौतियां स्टॉक पर दबाव बनाए रख सकती हैं. ऐसे में यह स्टॉक खरीद से ज्यादा चुनिंदा और सीमित निवेश के लिए ही सही माना जा सकता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो रिस्क समझकर कदम उठाते हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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