सरकार नवरत्न कंपनियों PFC और REC के मर्जर पर कर रही विचार, दो दिन में इतना उछल गए शेयर

सोमवार को सूत्रों ने संकेत दिया कि रीस्ट्रक्चरिंग के हिस्से के रूप में PFC और REC के बीच मर्जर हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला उच्चतम स्तर पर लिया जाएगा. PFC और REC दोनों नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम हैं और यह अधिग्रहण एक ही क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के कंसोलिडेशन की दिशा में एक कदम था.

दोनों ही कंपनियों के शेयरों में उछाल. Image Credit: Getty image

सरकार रीस्ट्रक्चरिंग की कोशिश के तहत सरकारी पावर सेक्टर लेंडर पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और उसकी सब्सिडियरी REC लिमिटेड के मर्जर पर विचार कर रही है. सोमवार को एक सूत्र ने इस बात की जानकारी दी. PFC और REC पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स की फंडिंग में अहम भूमिका निभाते हैं. केंद्रीय बजट 2026-27 के भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार के पब्लिक सेक्टर फाइनेंशियल संस्थानों को मजबूत करने के हिस्से के रूप में REC लिमिटेड (पहले रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन) और PFC के रीस्ट्रक्चरिंग का प्रस्ताव दिया था.

स्पेशल ट्रेडिंग सेशन में उछले शेयर

इस घोषणा के बाद, रविवार के स्पेशल ट्रेडिंग सेशन में दोनों कंपनियों के शेयर 6 फीसदी तक बढ़ गए. सोमवार को सूत्रों ने संकेत दिया कि रीस्ट्रक्चरिंग के हिस्से के रूप में PFC और REC के बीच मर्जर हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला उच्चतम स्तर पर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए तौर-तरीकों पर पावर मिनिस्ट्री को काम करना होगा, जो दोनों कंपनियों के लिए प्रशासनिक मंत्रालय है.

मेजॉरिटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण

मार्च 2019 में PFC ने सरकार को 14,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर करके REC लिमिटेड में मेजॉरिटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया था और 2019-20 में दोनों फर्मों के मर्जर की उम्मीद थी. हालांकि, मर्जर नहीं हो पाया.

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सरकार के पास कितनी हिस्सेदारी?

PFC ने REC में सरकार के पास मौजूद 52.63 फीसदी हिस्सेदारी वाले 103.94 करोड़ शेयर मैनेजमेंट कंट्रोल के साथ हासिल किए. अधिग्रहण की कीमत 139.50 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी. यह हिस्सेदारी अधिग्रहण आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से सैद्धांतिक मंजूरी के बाद हुआ था.

तेजी के साथ बंद हुए शेयर

PFC और REC दोनों नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम हैं और यह अधिग्रहण एक ही क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के कंसोलिडेशन की दिशा में एक कदम था. सोमवार को BSE पर PFC के शेयर 1.13 फीसदी बढ़कर 385.60 रुपये पर बंद हुए, जबकि REC लिमिटेड के शेयर 1.23 फीसदी बढ़कर 363.10 रुपये पर बंद हुए.

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