रिन्यूएबल रेस में आगे निकलने को तैयार यह स्मॉलकैप शेयर, FY27 तक ₹3300 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट, नजर में रखें स्टॉक

सोलर कंपनी Solex Energy Ltd वित्त वर्ष 27 तक रेवेन्यू को ₹662 करोड़ से बढ़ाकर ₹3,300 करोड़ करने की योजना पर काम कर रही है. कंपनी क्षमता विस्तार, बैकवर्ड इंटीग्रेशन, हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल और US एक्सपोर्ट पर फोकस फोकस मजबूत कर रही है. निवेशक इस स्मॉल कैप शेयर को अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं.

सोलर शेयर Image Credit: canva

Solex Energy Ltd ने अगले कुछ वर्षों में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने का आक्रामक रोडमैप पेश किया है. कंपनी का लक्ष्य FY25 के ₹662.2 करोड़ से FY27 तक ₹3,300 करोड़ रेवेन्यू तक पहुंचना है यानी करीब 400% की ग्रोथ हासिल करना है. भारत के सोलर सेक्टर में तेज विस्तार के बीच कंपनी क्षमता विस्तार, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और एक्सपोर्ट पर फोकस कर रही है. निवेशक इस शेयर पर नजर रख सकते हैं.

शेयर का हाल और रिटर्न प्रोफाइल

शेयर बाजार में Solex Energy का मार्केट कैप करीब ₹1,209.88 करोड़ है. हालिया कारोबारी सत्र में शेयर ₹1,120 पर बंद हुआ. हालांकि, शॉर्ट टर्म में दबाव दिखा है- इसमें 3 महीने में -35.8%, 6 महीने में -9.5% और 1 साल में -16.3% का रिटर्न दिया है. वहीं, लॉन्ग टर्म में स्टॉक ने 5 साल में 3,800% से ज्यादा का शानदार रिटर्न दिया है.

रेवेन्यू गाइडेंस और ग्रोथ रोडमैप

कंपनी ने FY26 में रेवेन्यू को ₹2,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें H2 FY26 में ₹1,337.8 करोड़ जोड़ने की उम्मीद है. इसके बाद FY27 में रेवेन्यू ₹3,300 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. Solex अमेरिकी सोलर मार्केट को टारगेट कर रही है, जहां भारत के 90% सोलर मॉड्यूल एक्सपोर्ट जाते हैं. कंपनी विस्तार के लिए ₹5,000 करोड़ तक फंड जुटाने की योजना में है.

भारत की रिन्यूएबल पुश से बड़ा फायदा

सरकार का 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य, PM-KUSUM योजना और PLI इंसेंटिव्स ने सोलर सेक्टर में भारी मांग पैदा की है. Solex इस पॉलिसी सपोर्ट का सीधा लाभ उठा रही है.

मैन्युफैक्चरिंग विस्तार और बैकवर्ड इंटीग्रेशन

कंपनी की गुजरात में 4 GW मॉड्यूल कैपेसिटी को 2030 तक 10 GW तक बढ़ाने की योजना है. साथ ही, इंगट और वेफर मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री से चीन पर निर्भरता घटेगी और मार्जिन सुरक्षित रहेंगे.

मजबूत फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड

FY20 से FY25 के बीच कंपनी की सेल्स ₹138 करोड़ से ₹660 करोड़, EBITDA ₹7 करोड़ से ₹69 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹4 करोड़ से ₹40 करोड़ तक पहुंच गया. FY25 में ROE 39% और 10 साल का औसत ROCE 24% रहा है.

जोखिम भी समझना जरूरी

हालांकि ग्रोथ स्टोरी मजबूत है, लेकिन छोटी कंपनी होने से वोलैटिलिटी, कच्चे माल की निर्भरता, अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी और बढ़ता कर्ज (सितंबर 2025 तक ₹293 करोड़) जोखिम बने हुए हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.