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Vedanta शेयरधारकों के लिए बड़ी खबर! डीमर्जर के बाद 15 जून को होगी 4 कंपनियों की लिस्टिंग; निवेशक रखें नजर

Vedanta Group के निवेशकों के लिए 15 जून 2026 बेहद अहम रहने वाला है, क्योंकि डीमर्जर के बाद बनी चार नई कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही हैं. Vedanta Oil & Gas Ltd., Vedanta Power Ltd., Vedanta Aluminum Metal Ltd. और Vedanta Iron and Steel Ltd. की लिस्टिंग के साथ समूह के पुनर्गठन का बड़ा चरण पूरा होगा.

वेदांता Image Credit: SOPA Images

Vedanta Demerger: Vedanta Group के निवेशकों के लिए 15 जून एक महत्वपूर्ण दिन साबित होने वाला है. कंपनी के डीमर्जर के बाद अस्तित्व में आई चार नई कंपनियां Vedanta Oil & Gas Ltd., Vedanta Power Ltd., Vedanta Aluminum Metal Ltd. और Vedanta Iron and Steel Ltd. 15 जून 2026 को शेयर बाजारों में लिस्ट होंगी. इस कदम के साथ Vedanta Group की लंबे समय से चल रही पुनर्गठन प्रक्रिया का एक अहम चरण पूरा हो जाएगा. कंपनी का मानना है कि इस डीमर्जर से प्रत्येक कारोबार को स्वतंत्र रूप से संचालन करने, पूंजी जुटाने और अपने विकास पर फोकस करने का अवसर मिलेगा. साथ ही, निवेशकों को भी किसी विशेष सेक्टर में सीधे निवेश का विकल्प मिलेगा, जिससे कंपनी के विभिन्न कारोबारों की वास्तविक वैल्यू सामने आ सकेगी.

डीमर्जर के बाद मिलेगा स्वतंत्र कारोबार का फायदा

Vedanta ने अपने कारोबार को पांच अलग-अलग इकाइयों में विभाजित करने का फैसला किया था. इस योजना को पिछले वर्ष दिसंबर में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिल गई थी. डीमर्जर के बाद समूह की प्रत्येक कंपनी अपने मुख्य कारोबार पर फोकस करेगी.

इस तरह का पुनर्गठन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि अब वे ऑयल एंड गैस, पावर, एल्यूमिनियम और आयरन एंड स्टील जैसे कारोबारों का मूल्यांकन अलग-अलग आधार पर कर सकेंगे. इससे प्रत्येक कारोबार की वास्तविक क्षमता और मार्केट वैल्यू अधिक स्पष्ट रूप से सामने आएगी.

निवेशकों को कैसे मिलेंगे नए शेयर

मंजूर की गई 1:1 डीमर्जर योजना के तहत Vedanta के प्रत्येक पात्र शेयरधारक को कंपनी के एक शेयर के बदले नई डीमर्ज की गई प्रत्येक कंपनी का एक-एक शेयर मिलेगा. हालांकि, निवेशकों के लिए रिकॉर्ड डेट को समझना बेहद जरूरी था. भारत में लागू टी+1 सेटलमेंट सिस्टम के कारण 1 मई की रिकॉर्ड डेट पर खरीदे गए शेयर डीमर्जर लाभ के लिए पात्र नहीं थे. केवल वे निवेशक, जिनके डीमैट खाते में 30 अप्रैल तक Vedanta के शेयर मौजूद थे, नई कंपनियों के शेयर पाने के पात्र बने.

शुरुआती 10 दिनों तक ट्रेड-फॉर-ट्रेड सेगमेंट में होगी ट्रेडिंग

BSE की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, चारों नई कंपनियों के शेयर शुरुआत में टी ग्रुप सिक्योरिटीज श्रेणी में लिस्ट किए जाएंगे. इसके अलावा, पहले 10 कारोबारी दिनों तक इन शेयरों में ट्रेड-फॉर-ट्रेड सेगमेंट के तहत कारोबार होगा. इस व्यवस्था में इंट्रा-डे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती और प्रत्येक खरीद-बिक्री सौदे का अनिवार्य सेटलमेंट करना पड़ता है. इसका उद्देश्य शुरुआती दिनों में अत्यधिक सट्टेबाजी को नियंत्रित करना और शेयरों में स्थिर प्राइस डिस्कवरी सुनिश्चित करना है.

मार्च तिमाही में मजबूत रहे Vedanta के नतीजे

डीमर्जर के बीच Vedanta के वित्तीय प्रदर्शन ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. मार्च तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़कर 51,524 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के 45,899 करोड़ रुपये से अधिक है. इसी दौरान EBITDA में 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 18,447 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 20 फीसदी बढ़कर 9,353 करोड़ रुपये रहा. मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बेहतर मार्जिन ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है.

शेयर में भी दिखी तेजी

गुरुवार को Vedanta का शेयर NSE पर 1.87 फीसदी की बढ़त के साथ 304.90 रुपये पर बंद हुआ. पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर 2.52 फीसदी उछल चुका है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.