अब टीचर नहीं, AI करेगा एग्जाम की कॉपी चेक! हाई पावर GPU हजारों कॉपी की एक झटके में करेगा स्क्रीनिंग
दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में AMD Enterprise ने ऐसी AI तकनीक पेश की है जो खुद ही छात्रों के पेपर जांच सकती है. कंपनी के अनुसार यह सिस्टम बड़े AI मॉडल और हाई पावर GPU पर काम करता है, जिससे हजारों कॉपियां एक साथ तेजी से चेक हो सकती हैं.
India AI Impact Summit 2026: अब एग्जाम की कॉपी चेक करने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है. दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में AMD Enterprise ने ऐसी AI तकनीक पेश की है जो खुद ही छात्रों के पेपर जांच सकती है. कंपनी के अनुसार यह सिस्टम बड़े AI मॉडल और हाई पावर GPU पर काम करता है, जिससे हजारों कॉपियां एक साथ तेजी से चेक हो सकती हैं.
खास बात यह है कि यह तकनीक सिर्फ समय ही नहीं बचाती बल्कि गलतियों की संभावना भी कम करती है. हालांकि कंपनी ने Money9 Live से बातचीत में कहा कि अभी हर जगह इस तकनीक को मंजूरी नहीं मिली है, क्योंकि शिक्षा से जुड़े नियम अलग अलग हैं. लेकिन अगर यह बड़े स्तर पर लागू होती है तो यह टीचर्स का काम आसान करेगी और स्टूडेंट्स को भी बेहतर लर्निंग में मदद मिलेगी.
कैसे काम करती है यह तकनीक
AMD की यह तकनीक एंटरप्राइज AI प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जो बड़े स्तर पर डेटा प्रोसेस करने के लिए बनाया गया है. कंपनी के अनुसार इसका सिस्टम ओपन और यूनिफाइड प्लेटफॉर्म पर काम करता है, जिससे AI मॉडल को ट्रेन करना और इस्तेमाल करना आसान हो जाता है. इसमें ऐसे टूल दिए गए हैं जो एग्जाम कॉपी के जवाब को समझकर उसे सही या गलत मार्क कर सकते हैं.

GPU की ताकत से तेज काम
इस तकनीक की ताकत इसके GPU में है. AMD Radeon AI PRO R9700 GPU में 128 AI एक्सेलरेटर, 191 TFLOPS और 1531 TOPS तक की प्रोसेसिंग क्षमता दी गई है. इसका मतलब है कि यह बहुत तेजी से डेटा को समझ और प्रोसेस कर सकता है. इसमें 32GB GDDR6 मेमोरी और 640 GB प्रति सेकंड की मेमोरी बैंडविड्थ दी गई है, जिससे बड़े AI मॉडल आसानी से चल सकते हैं.
क्यों है यह खास
कंपनी के अनुसार यह GPU दूसरे सिस्टम के मुकाबले बेहतर परफॉर्म करता है. डेटा के मुताबिक कई AI मॉडल पर यह 170 प्रतिशत तक ज्यादा परफॉर्मेंस देता है. वहीं दो GPU इस्तेमाल करने पर यह और ज्यादा तेज काम कर सकता है. इससे बड़े एग्जाम सिस्टम में भी तेजी से कॉपी चेक करना संभव हो जाता है.

स्टूडेंट्स के लिए कैसे मददगार
यह तकनीक सिर्फ कॉपी चेक करने तक सीमित नहीं है. AI स्टूडेंट्स के जवाब को समझकर उनकी कमजोरियां भी बता सकता है. इससे छात्रों को अपनी पढ़ाई सुधारने में मदद मिलेगी. AI उन्हें सही दिशा में गाइड कर सकता है और पढ़ाई को आसान बना सकता है. हालांकि कंपनी ने साफ किया कि अभी इस तकनीक को हर जगह इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिली है. शिक्षा क्षेत्र में भरोसा और नियम बहुत जरूरी होते हैं, इसलिए इसे धीरे धीरे लागू किया जाएगा.
भविष्य में बड़ा बदलाव
अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर लागू होती है तो शिक्षा सिस्टम पूरी तरह बदल सकता है. टीचर्स का समय बचेगा और वे पढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे. वहीं छात्रों को जल्दी और सटीक रिजल्ट मिलेगा. आने वाले समय में AI शिक्षा का अहम हिस्सा बन सकता है और एग्जाम सिस्टम को डिजिटल और स्मार्ट बना सकता है.
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