महंगे होते मोबाइल ने बिगाड़ा बाजार का गणित, ग्राहकों ने मोड़ लिया मुंह! मई में 35% तक गिरी बिक्री

पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन कंपनियों ने लगातार कीमतें बढ़ाई हैं, जिसका असर अब साफ तौर पर बाजार में दिखाई देने लगा है. BS की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 में मोबाइल फोन की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. बढ़ती कीमतों के कारण कई ग्राहकों ने नया फोन खरीदने का फैसला टाल दिया है.

स्मार्टफोन Image Credit: @Money9live

Mobile phone sales: अगर आपको लग रहा है कि नया मोबाइल फोन खरीदना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है, तो आप अकेले नहीं हैं. पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन कंपनियों ने लगातार कीमतें बढ़ाई हैं, जिसका असर अब साफ तौर पर बाजार में दिखाई देने लगा है. BS की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 में मोबाइल फोन की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. बढ़ती कीमतों के कारण कई ग्राहकों ने नया फोन खरीदने का फैसला टाल दिया है. वहीं दुकानदारों का कहना है कि बिक्री में आई यह गिरावट पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट में से एक है.

मई में बिक्री में बड़ी गिरावट

ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के अनुसार मई 2026 में मोबाइल फोन की बिक्री संख्या के आधार पर 30 से 35 प्रतिशत तक गिर गई. रिटेलर्स का कहना है कि जून महीने में भी यही रुझान देखने को मिल रहा है और बिक्री पर दबाव बना हुआ है.

लगातार बढ़ रही हैं कीमतें

  • मोबाइल कंपनियां नवंबर 2025 से लगभग हर महीने कीमतें बढ़ा रही हैं.
  • मेमोरी चिप की बढ़ती लागत इसकी बड़ी वजह है. जनवरी से मई 2026 के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है.
  • रिटेलर्स का दावा है कि पिछले कुछ समय में कई मॉडलों की कीमतों में कुल मिलाकर 40 से 45 प्रतिशत तक का असर देखा गया है.

किन कंपनियों ने बढ़ाए दाम?

रिपोर्ट के अनुसार जून में Samsung ने कुछ लोकप्रिय मॉडलों की कीमतें 3.5 से 5.5 प्रतिशत तक बढ़ाई हैं. वहीं Vivo ने कुछ फोन के दाम 8.8 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाए हैं. Poco ने भी अलग-अलग मॉडलों में 3.3 से 10 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाई हैं.

सिर्फ दुकानों पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन बिक्री पर भी असर पड़ा है. Counterpoint Research के अनुसार मई में मोबाइल शिपमेंट में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. जून में भी इसी तरह की कमी देखने को मिल सकती है.

क्यों कम हुई मांग?

इस बार गर्मियों की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. तेज गर्मी, रुपये की कमजोरी, आर्थिक दबाव और पिछले साल की तुलना में कम ऑफर और छूट मिलने के कारण ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हुई है. मोबाइल विक्रेताओं के संगठन ने कंपनियों को सुझाव दिया है कि फोन बॉक्स से चार्जर हटाने पर विचार किया जाए.

उनका कहना है कि Apple, Samsung और Nothing जैसी कंपनियां पहले ही ऐसा कर रही हैं. इससे लागत कम हो सकती है और कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव घट सकता है. संगठन ने सरकार से मोबाइल फोन पर GST को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग भी की है.

आगे क्या है चिंता?

साल 2026 की दूसरी तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में 15 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हो सकती है. पहली तिमाही में यह गिरावट केवल 3 प्रतिशत थी. अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो ग्राहकों की जेब पर और दबाव बढ़ सकता है, जिससे मोबाइल बाजार की रफ्तार और धीमी पड़ सकती है.

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