भारत में नहीं शुरू हुई स्टारलिंक की सर्विस, कंपनी ने जारी की सफाई, कहां- तकनीकी गड़बड़ी से दिखी प्लान की कीमत
स्टारलिंक ने बताया है कि उसने भारत में अभी तक न तो कोई प्लान जारी किया है और न ही ऑर्डर लेना शुरू किया है. कंपनी की वेबसाइट पर कुछ देर के लिए टेस्ट डेटा दिख गया था जिसमें भारत के लिए कीमत और प्लान नजर आ रहे थे. स्टारलिंक ने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी गलती थी और असली दरों से इसका कोई संबंध नहीं है.
Starlink Pricing Leak: सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक ने साफ किया है कि उसने भारत में अभी तक न तो सर्विस शुरू की है और न ही किसी तरह की कीमत या प्लान का ऐलान किया है. दरअसल सोमवार को वेबसाइट पर कुछ देर के लिए एक टेस्ट डेटा दिखा जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी. उस पेज में भारत के लिए मासिक प्लान और हार्डवेयर कीमत दिखाई दे रही थी. बाद में कंपनी ने बताया कि यह जानकारी गलती से दिखाई पड़ी थी और इसका असली दाम से कोई संबंध नहीं है. फिलहाल स्टारलिंक भारत में सर्विस शुरू करने के लिए सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रही है.
टेस्ट डेटा सोशल मीडिया पर वायरल
सोमवार को स्टारलिंक साइट पर कुछ देर के लिए एक रेजिडेंशियल प्लान दिखाई दिया जिसमें 8.50 हजार रुपये मासिक और 34 हजार रुपये हार्डवेयर कीमत दिखी थी. इसमें अनलिमिटेड डेटा, 30 दिन की ट्रायल अवधि और प्लग एंड प्ले सेटअप जैसी जानकारी भी थी. यह अपडेट देखते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई.
स्टारलिंक ने दी सफाई
कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि वेबसाइट पर दिखी जानकारी सिर्फ इंटरनल टेस्टिंग का डेटा था. उन्होंने बताया कि कॉन्फिग समस्या की वजह से यह पेज कुछ समय के लिए लाइव हो गया था. उन्होंने कहा कि भारत के लिए सर्विस की कीमत अभी तक घोषित नहीं की गई है और न ही ऑर्डर लिए जा रहे हैं. कंपनी ने तुरंत गलती ठीक कर दी और सभी टेस्ट डेटा हटा लिया.
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सरकार से मंजूरी जरूरी
स्टारलिंक ने कहा कि फिलहाल उसका पूरा फोकस भारत सरकार से मंजूरी लेने पर है. कंपनी ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को तेज इंटरनेट उपलब्ध कराने के मिशन पर काम कर रही है. भारत में कंपनी की तैयारी कई महीनों से चल रही है और कई राज्य प्रशासन से भी बातचीत हो रही है. महाराष्ट्र पहले ही सरकारी विभागों और ग्रामीण जिलों के लिए स्टारलिंक से जुड़ने वाला पहला राज्य बन चुका है.
सैटेलाइट इंटरनेट की रेस तेज
भारत में स्टारलिंक के अलावा दो और कंपनियों को सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस चलाने की अनुमति मिल चुकी है. इनमें भारती समूह की यूटेलसैट वनवेब और जियो की सैटेलाइट सर्विस शामिल हैं. तीनों कंपनियां स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार कर रही हैं जिसके बाद ही देश में सैटेलाइट इंटरनेट का कमर्शियल लॉन्च शुरू हो सकेगा.
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